भिलाई। छत्तीसगढ़ रणजी क्रिकेट टीम के कप्तान व आइपीएल खिलाड़ी हरप्रीत सिंह भाटिया अपना मोबाइल बंद करके फरार हो गए हैं। पुलिस तलाश में जुटी है। हरप्रीत के दुर्ग-भिलाई स्थित ठिकानों पर अव पुलिस दबिश देने की तैयारी में जुट गई है। चर्चा है कि कुछ जगहों पर दबिश भी दी गई है। रायपुर के एजी कार्यालय में लेखापाल भर्ती में फर्जी दस्तावेज पेश कर नौकरी हासिल करने के मामले में रणजी टीम के कप्तान हरप्रीत सिंह भाटिया के खिलाफ 420 का केस दर्ज किया गया है।

विधानसभा थाना प्रभारी संजीव मिश्रा ने बताया कि, शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की जा रही है। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू होगी। हरप्रीत से बात करने का प्रयास किया गया है लेकिन मोबाइल बंद था। कुछ जगहों पर दबिश दी गई है।

आखिर मामला क्या है, यह भी जानिए
भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग कार्यालय महालेखाकार (एजी कार्यालय) के वरिष्ठ परीक्षा अधिकारी शुमगली ताम्बी ने विधानसभा पुलिस थाने में क्लोद जिले के रहने वाले 31 वर्षीय हरप्रीत के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2014 में लेखापाल पद पर भर्ती के लिए हरप्रीत सिंह भाटिया ने आवेदन दिया था।

इसमें शैक्षणिक योग्यता के तहत हरप्रीत सिंह भाटिया ने झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बी. काम अंतिम वर्ष 2014 की मार्कशीट दी थी। इस फर्जी दस्तावेज के सहारे भाटिया ने नौकरी हासिल की थी। मामला सामने आने पर वर्ष 2014 से अब तक महालेखाकार विभाग जांच और सरकारी प्रक्रिया में व्यस्त रहा।

इसके कारण आठ साल तक मामला उजागर नहीं हो सका। अब बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की तरफ से पत्र लिखकर बताया गया है कि हरप्रीत सिंह को मार्कशीट जारी ही नहीं की है। अब पुलिस हरप्रीत के दुर्ग-भिलाई स्थित ठिकानों पर दविश देने की तैयारी कर रही है।
हरप्रीत ने वर्ष 2016-17 में सैयद मुश्ताक अली ट्राफी में सर्वाधिक रन बनाए थे।

चार मुकाबलों में 145 के स्टाइक रेट से उन्होंने 211 रन बनाए थे। विजय हजारे ट्राफी में भी हरप्रीत ने 629 रन बनाकर सभी को प्रभावित किया था। आइपीएल में डेक्कन चार्जर्स समेत रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के सदस्य रह चुके हैं।


