रिसाली में छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन की बैठक… प्रधानमंत्री के आगमन पर गहन चर्चा और गंभीर मुद्दों की निंदा

रिसाली, दुर्ग। दुर्ग जिले के रिसाली सेक्टर के रंग मंच में छत्तीसगढ़ मातृशक्ति संगठन के तत्वाधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर गहन चर्चा की गई। वर्तमान परिदृश्य में छत्तीसगढ़ की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। राज्य में विशेष रूप से अन्य राज्यों से पलायन आपराधिक व्यक्तियों को आश्यपूर्ण तरीके से राजनैतिक संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का प्रतिनिधित्व लगातार कमजोर होता जा रहा है। शासन तंत्र में ऐसे आपराधिक व्यक्तियों के शक्तियों का वर्चस्व बढ़ रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।

राज्य में मानव तस्करी, जघन्य अपराध, बलात्कार, महिला उत्पीड़न, हत्या, भूमि और खनिज संपदाओं की लूट, तथा भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याएं व्याप्त हैं। अपराधियों को सुनियोजित ढंग से संरक्षण दिए जाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। छत्तीसगढ़ के हजारों लोग आजीविका की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। वहीं, पूंजीपति वर्ग ने ग्रामीण क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। सरकारी विभागों में लाखों पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन बाहरी लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए स्थानीय निवासियों के अधिकारों को छीन रहे हैं। राज्य को नशे की गिरफ्त में धकेला जा रहा है, जिससे आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है। इस विनाशकारी साजिश से छत्तीसगढ़ की जनता त्रस्त है। सरकारी विभागों में कई लाखों पद निरंक पड़े हुए हैं तथा अन्य राज्य के स्थानीय लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर स्थानीय लोगों की नौकरियों को छीना हैI छत्तीसगढ़ को नशे की चाशनी में डूबाकर आर्थिक, राजनीतिक, सभी संसाधनों में काबिज होकर तबाह करने की साजिश नजर आ रही हैं।

दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल्य राज्य है आदिवासियों की स्थिति बद से बत्तर है आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की लूट लगातार जारी है, आदिवासियों का विस्थापन तेजी से हो रहा है, संरक्षित क्षेत्रों में भी आदिवासियों के प्रतिनिधित्व को शहरीकरण के नाम पर खत्म किया जा रहा है भुमाफिया लगातार आदिवासियों की जमीन हड़पने के हथंडे अपना रहे है आदिवासी प्रदेश के कई जगहों पर आंदोलनरत है लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है विधानसभा में आदिवासियों के किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। हम छत्तीसगढ़ के मातृशक्तियों को बहुत दुःख है इन तमाम गंभीर मसलों में प्रधानमंत्री कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। हम सब प्रधानमंत्री जी का छत्तीसगढ़ आगमन की निंदा करते हैं। बैठक में उमा सिंह, अश्लेष मरावी, चंद्रकला तारम, दिनेश्वरी भुआर्य, सुरेंद्र मोहंती, अन्नू, के.एल. चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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