नगरीय निकाय मंत्री साव से मिले उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह, ​निगम में अफसरों की गड़बड़ी और मनमानी के खिलाफ की शिकायत

भिलाई। नगर निगम भिलाई के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह मंगलवार को प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री अरूण साव से मिले। रायपुर स्थित मंत्री निवास में पहुंचकर नगर निगम भिलाई के विभिन्न विषयों में चर्चा की। करीब एक घंटे तक मंत्री के साथ बैठ कर विस्तार से एक-एक विषय पर सार्थक चर्चा की गई।

मूल पद से हटकर बड़े पद दे दिए-
इस दौरान दया ​सिंह ने मंत्री को बताया कि नगर निगम भिलाई अफसर भारी लापरवाही और मनमानी कर रहे हैं। खुले आम गड़बड़ी की जा रही है। बाबू, कम्प्यूटर ऑपरेट को बड़े-बड़े पद बिठा दिया गया है। अजय शुक्ला जिसका मूल पद बाबू का है, लेकिन जनसंपर्क अधिकारी बन कर सरकारी वाहन का उपयोग कर रहा है। इसी प्रकार डाटा एंट्री आपरेट शरद दुबे को सहायक राजस्व अधिकारी बना दिया गया है। जो निगम के आयुक्त के लिए अवैध वसूली का काम कर रहा है। स्टेनो संजय शर्मा जो कि निगम में सिर्फ हाजरी लगाने के लिए निगम आता है। संगठन के नाम पर नेतागिरी कर रहा है। उसके बाद सेक्टर 6 के पास अपने ड्राइविंग लायसेंस और पासपोर्ट बनाने दुकान चला रहे हैं। आयुक्त अपनी कमियों को छिपाने और भ्रष्टाचार करने अपने स्वार्थ के हिसाब से पद देकर रखा है।


सालों से जमें अधिकारी-कर्मचारी का तबादला
दया सिंह ने मंत्री से मांग की है कि निगम में सालों से अधिकारी-कर्मचारी एक ही विभाग एक ही निगम में जमें है। इन सभी का तबादला किया जाए। विभाग में भी बदलाव किया जाए। ताकि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी रूके।

प्रोजेक्ट सेल बंद हो-
भिलाई निगम में प्रोजेक्ट सेल बनाकर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सभी बड़े लाखों करोड़ों के टेंडर यही से होते है। यहां के इंजीनियर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने नियम-कानून को ताक पर रख दिए है। निगम में कई जुनियर इंजीनियर ऐसे है जो इंजीनियर का काम कर रहे है। इन सभी को उनके मूल पद पर भेजा जाए। अबतक यहां से जितने भी टेंडर हुए है, उसकी जांच कराई जाए।


मदों में हेराफेरी –
निगम मे मदों में हेराफेरी किया जा रहा है। मनमाने तरीके से मदों का यहां से वहां किया जारहा है। बंदरबाट किया जा रहा है। अफसर नगर निगम अधिनियम का पालन नहीं कर रहे हैं। मिलबाट कर आयुक्त और महापौर मिलबाट कर मलाई खा रहे हैं। इनकी जांच की जाए और इनके वेतन व संपत्ति कुर्की करके वसूली की जाए और इन पर फर्जीवाड़ा, 420 का अपराध दर्ज कर जेल भेजा जाए।

ऑडिट नहीं करावा रहे-

दया ने कहा, नगर निगम भिलाई में जब से कांग्रेस के महापौर है। तब से लगातार निगम को लूटा जा रहा है और यही कारण है कि निगम के साल भर के आय-व्यय का ऑडिट जो हर साल किया जाना चाहिए। लेकिन बीते कुछ सालों से ऑडिट नहीं किया जा रहा है। इस लिए मंत्री महोदय से प्रार्थना है कि निगम का ऑडिट कराया जाए। इससे जितनी भी गड़बड़ी की गई है। उसका खुलासा नहीं होगा।

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