मुंगेली. छत्तीसगढ़ के लोरमी के कोसाबाड़ी इलाके के चर्चित लाली अपहरण और हत्या मामले की गुत्थी मुंगेली पुलिस ने सुलझा ली है. 3 महीने से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने हत्या के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
7 साल की मासूम बच्ची की हत्या की वजह झाड़फूंक और तंत्र-मंत्र निकला. पैसों की लालच में सिद्धि मिलने के अंधविश्वास में पड़कर मासूम लाली के चचेरे भाई, भाभी तांत्रिक सहित कुल 5 लोगों ने मिलकर पहले बच्ची का अपहरण किया फिर उसकी बलि दे दी.

आरोपियों ने बच्ची की बॉडी को श्मशान के पास एक खेत में गाड़ दिया था. घटना के बाद परिजनों ने अपहरण का मामला लोरमी थाने में दर्ज कराया था. पुलिस ने 8 टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह कर रहे थे.
एसपी मुंगेली भोजराम पटेल ने बताया कि पुलिस को मिले नर कंकाल से जांच में काफी मदद मिली. 3 महीने से ज्यादा समय बीत गया, फिर पुलिस ने संदिग्ध लोगों का नारको और ब्रेन मेपिंग टेस्ट कराया, जिससे काफी हद तक मामले के खुलासे में मदद मिली.
जानें क्या है पूरा मामला
12 अप्रैल को कोसाबाड़ी इलाके की रहने वाली पुष्पा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी छोटी बेटी लाली रात से घर से गायब है. रात को जब नींद खुली तो बच्ची बिस्तर पर नहीं थी. इसके बाद पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया था. लाली के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. परिवार चचेरे भाई पर निर्भर था. 6 मई को गांव के श्मशान के पास खेल में लोगों को कुछ अस्थियां मिली. फिर डीएनए टेस्ट किया गया. इसमें खुलासा हुआ कि कंकाल लाली का है. हत्या की बात भी सामने आई. उसकी शरीर पर चोट के निशान भी थे.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. फिर आरोपियों का ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट कराया गया. इसमें खुलासा हुआ कि पूजा के लिए बच्ची की बलि दे दी गई. फिर उसके शव को दफन कर दिया गया. आरोपियों का मानना था कि पूजा से उन्हें मनचाहा पैसा मिलेगा. गांव के एक शख्स ने आरोपियों को बच्चों को घर से श्मशान की ओर लेकर जाते देख लिया था. यहीं से पुलिस को क्लू मिला. फिर पूरे मामले का खुलासा हुआ.

