रायपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए बजट 2026-27 को भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने “गांव से शहर तक विकास का स्वर्णिम अध्याय” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 के सशक्त भारत की नींव है।

बजट की 10 बड़ी बातें (जितेन्द्र वर्मा के अनुसार):
- राज्यों को बंपर फंड: 16वें वित्त आयोग की मदद से राज्यों को 14 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जो क्षेत्रीय विकास को नई रफ़्तार देगा।
- MSME को संजीवनी: सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए 7 लाख करोड़ रुपये की फंडिंग का रास्ता साफ।
- सेमीकंडक्टर हब: ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ का भारी-भरकम बजट।
- तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत: TCS की दर 5% से घटाकर 2% की गई, जिससे वनांचल क्षेत्रों में खुशी की लहर है।
- महिला उद्यमिता: ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘SHE-मार्ट्स’ की शुरुआत, जो नारी शक्ति को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगी।
- पर्यावरण की चिंता: कार्बन कैप्चर (CCUS) तकनीक के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- मेडिकल टूरिज्म: भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने के लिए राज्यों में 5 रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे।
- आत्मनिर्भरता: खादी और हस्तशिल्प के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ और नेशनल फाइबर योजना का आगाज।
- डिजिटल इंडिया: बहुभाषीय AI टूल्स और आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित निवेश माहौल का निर्माण।
- जल संरक्षण: देश भर में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा।

“गरीब, किसान और युवा इस बजट के केंद्र में”
जितेन्द्र वर्मा ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह बजट ‘कर्तव्य भवन’ में बना पहला बजट है, जिसका उद्देश्य आर्थिक ग्रोथ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह बजट आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध भारत सुनिश्चित करेगा।

