दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र के उप महाप्रबंधक यशवंत कुमार साहू को डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय ने प्रबंधन के क्षेत्र में पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रदीप घोष, मैनेजमेंट एवं कॉमर्स विभाग के डीन डॉ निकेत शुक्ला, मुरादाबाद विश्वविद्यालय के डॉ आर के यादव, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय से डॉ सोरेन सरकार, विभाग अध्यक्ष डॉ अंशुल श्रीवास्तव एवं मैनेजमेंट तथा कॉमर्स विभाग के प्रोफेसर डॉ सरिता साहू, डॉ ख्याति विशेष रूप से उपस्थित थे।
डॉक्टर सी वी रमन विश्वविद्यालय द्वारा साहू को यह उपाधि प्रबंधन क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया है। यह शोध कार्य ‘छत्तीसगढ़ के चुनिंदा नगर निगमों में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन’ विषय पर आधारित है जिसमें अंबिकापुर, कोरबा, भिलाई, बिलासपुर व रायपुर नगर निगम में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन तकनीकी एवं इनका तुलनात्मक अध्ययन किया है।

यशवंत साहू ने यह शोध कार्य विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट एवं कॉमर्स संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ अंशुल श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं डॉ इंदु संतोष के सह मार्गदर्शन में पूर्ण किया है। उनके इस उपाधि से यह क्षेत्र गौरवान्वित एवं हर्षित हुआ है।
भिलाई नगर के निवासी एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर यशवंत साहू साहित्य में भी गहरी रुचि रखते हैं तथा कोंगनिहा उपनाम से लेखन कार्य पिछले 10 वर्षों से कर रहे हैं। उनके द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘दसमत’ वर्तमान में संदर्भ ग्रंथ के रूप में विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल है। इनके द्वारा रचित अन्य उपन्यास ‘पलायन’ एवं ‘दाई’ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर लिखी एवं छत्तीसगढ़ की लोक गाथाओं से संबंधित है। उनके प्रकाशित काव्य संग्रह ‘मै बस्तर स्वर्णिम अतीत’ तथा ‘वह धरा जहां पर सुर गूंजा’ भी लोकप्रिय कृतियां है। उनके रिसर्च पेपर अनेक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में सराहे गए हैं तथा अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित हुए हैं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ रिसर्च पेपर प्रस्तुतीकरण का पुरस्कार भी मिला है।
भिलाई इस्पात संयंत्र के सर्वश्रेष्ठ हिंदी समन्वय अधिकारी तथा राजभाषा के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉक्टर यशवंत साहू अनेक बार सम्मानित हुए हैं। वर्ष 1992 में वे भिलाई इस्पात संयंत्र के अपेक्स पुरस्कार से भी सम्मानित हुए हैं।
डॉक्टर साहू ने वर्ष 1989 से भिलाई इस्पात संयंत्र के हिर्री खदान से अपना कैरियर प्रारंभ किया। वित्त विभाग मैं बतौर स्कंध सत्यापक तथा नगर सेवाएं विभाग के अनेक अनुभागों पर सेवाएं देते हुए इन्होंने जिम्मेदारी पूर्वक अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन किया है तथा वर्तमान में वे उप महाप्रबंधक मानव संसाधन रावघाट खदान की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
डॉक्टर साहू को इस उपलब्धि के लिए क्षेत्र के अनेक शिक्षाविदों, उनके पारिवारिक सदस्यों, परिजनों , मित्रों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के सहकार्मियो ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मेहनत और समर्पण ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत सफलता दिलाई है बल्कि इस क्षेत्र के अनेक छात्रों को भी उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए प्रेरित किया है। डॉ यशवंत साहू की यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत व उचित मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है एवं इसमें उम्र कोई बाधा नहीं होती है।

