बिलासपुर। जिले के बिल्हा ब्लॉक में महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा की जांच में 11 अपात्र हितग्राही पाए गए हैं, जिनके खातों में योजना के तहत करीब 1.24 लाख रुपये की राशि पहुंची है।
जांच में सामने आया कि शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षक, सहायक शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारियों के परिवारों ने भी महतारी वंदन योजना का लाभ लिया। नियमानुसार अपात्र होने के बावजूद इन परिवारों के खातों में योजना की राशि जमा होती रही।

मामले की जांच के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपात्र हितग्राहियों की पहचान की। इसके बाद बीईओ बिल्हा की ओर से संबंधित लोगों को राशि वापसी के लिए चालान जारी किए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अपात्र तरीके से प्राप्त राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस जमा करनी होगी। राशि जमा नहीं करने की स्थिति में संबंधित शासकीय कर्मचारियों के वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले ने सरकारी योजनाओं में पात्रता सत्यापन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विभागीय स्तर पर अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि अपात्र लोगों को योजना का लाभ न मिले और सरकारी राशि की वसूली की जा सके।

