बिलासपुर। बहुचर्चित झीरम घाटी मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ अब कानूनी लड़ाई हाईकोर्ट पहुंच गई है। मामले में मृत्युदंड की सजा पाए 10 दोषियों की ओर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने यह याचिका प्रस्तुत की है।
मृत्युदंड के फैसले को दी गई चुनौती
झीरम घाटी मामले में जगदलपुर स्थित NIA की विशेष अदालत ने 5 सितंबर 2026 को 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद 16 सितंबर को अदालत ने सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोषियों को फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन का समय दिया था।अब बचाव पक्ष ने इसी फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद अपील दायर किए जाने की जानकारी दी है।
13 साल बाद आया था NIA कोर्ट का फैसला
25 मई 2013 को झीरम घाटी में हुए माओवादी हमले के मामले में करीब 13 साल तक न्यायिक प्रक्रिया चली। सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद NIA की विशेष अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। हाईकोर्ट में अपील दाखिल होने के बाद अब मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया जारी है।

