रायगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान: लघु फिल्म के विजेताओं को मिले 5.25 लाख रुपए पुरस्कार, वित्त मंत्री बोले – युवा बनें साइबर जागरूकता के दूत

रायगढ़। साइबर अपराधों के प्रति आम लोगों, खासकर युवाओं को जागरूक करने रायगढ़ पुलिस की ओर से आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का शनिवार को संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में समापन हुआ। कार्यक्रम में विजेताओं को सम्मानित करने के साथ रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।

प्रतियोगिता को देशभर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में रूस से भी एक फिल्म की एंट्री पहुंची। प्रतियोगिता का आयोजन “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर किया गया था।

सात सप्ताह में 2 लाख लोगों तक पहुंचा साइबर जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान चलाया गया। रायगढ़ जिले में अभियान के सात सप्ताह के दौरान विभिन्न माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध लगातार नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं की रचनात्मकता को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़कर समाज तक जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई।

वित्त मंत्री बोले- युवा बनें साइबर जागरूकता के दूत
मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ पुलिस की पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ रहा है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल खुद साइबर अपराध से सुरक्षित रहने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें “साइबर जागरूकता के दूत” की भूमिका निभानी चाहिए, ताकि वे परिवार, दोस्तों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकें।

विजय बघेल ने AI आधारित जागरूकता पहल को सराहा
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने AI और आधुनिक तकनीक के जनहित एवं जागरूकता के लिए इस्तेमाल को जरूरी बताते हुए रायगढ़ पुलिस की पहल की सराहना की।

दो कैटेगरी में हुआ फिल्मों का चयन
प्रतियोगिता का मूल्यांकन फिल्म निर्माण और कला क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों ने किया। निर्णायक मंडल में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मनोज वर्मा, फिल्मकार योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता सुनील चिपड़े शामिल रहे।

श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट):

प्रथम – स्वपनिल कोटरीवार की “दूसर छोर” – ₹1 लाख

द्वितीय – होमेन्द्र कुमार की “जरूरत” – ₹75 हजार

तृतीय – प्रकाश पटेल की “गुपचुप ठेला” – ₹50 हजार

श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट):

प्रथम – दीपक जायसवाल की “एक्सेस लिंक” – ₹75 हजार

द्वितीय – तुषार सोलंकी की “Dial 1930” – ₹50 हजार

तृतीय – समीर चन्द्रा की “Golden Hour” – ₹25 हजार

इस तरह दोनों श्रेणियों में कुल ₹5.25 लाख की पुरस्कार राशि विजेताओं को प्रदान की गई। आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।

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