आरंग। आरंग विधानसभा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन और भंडारण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि समोदा क्षेत्र में रेत कारोबारी नियम-कायदों को दरकिनार कर महानदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाल रहे हैं। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कथित तौर पर नदी में गतिविधियां नगर पंचायत समोदा कार्यालय के सामने ही चल रही हैं।
महानदी के बीच बना दिया अस्थायी रास्ता
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, समोदा में रेत निकासी के लिए महानदी के भीतर पत्थरों और मलबे की मदद से एक अस्थायी रास्ता तैयार किया गया है। आरोप है कि नदी के एक हिस्से को पाटकर बनाए गए इस रास्ते के कारण पानी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि नदी का पानी अब मुख्य रूप से महासमुंद सीमा की ओर से होकर गुजर रहा है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और आसपास के पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका है।
नगर पंचायत कार्यालय के सामने रेत का भंडारण
मामले का दूसरा पहलू रेत के कथित अवैध भंडारण से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पंचायत समोदा कार्यालय के ठीक सामने बड़े पैमाने पर रेत जमा की जा रही है। यहां से लगातार वाहनों के जरिए रेत की ढुलाई किए जाने की बात भी सामने आ रही है।
कुरूद और हरदीडीह में भी उत्खनन के आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुरूद और हरदीडीह क्षेत्र की रेत खदानों में भी पिछले दो दिनों से बड़े स्तर पर उत्खनन किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि नदी क्षेत्र में पोकलेन और जेसीबी जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राजस्व नुकसान और कार्रवाई पर सवाल
रेत के कथित अवैध उत्खनन से शासन को राजस्व नुकसान होने की बात कही जा रही है। वहीं, महानदी के प्राकृतिक बहाव में बदलाव और भारी मशीनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन शिकायतों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है और मौके पर उत्खनन से जुड़े नियमों का कितना पालन हो रहा है, इसकी स्थिति क्या सामने आती है।

