रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की पांच साल की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में रिश्वत लेते पकड़े जाने वाले सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों में राजस्व विभाग सबसे आगे है। पिछले पांच वर्षों में ACB ने 154 ट्रैप प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 193 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
ACB की रिपोर्ट के अनुसार, रिश्वतखोरी के मामलों में राजस्व विभाग पहले स्थान पर है। इस विभाग में 56 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग 20 मामलों के साथ दूसरे और पंचायत विभाग 14 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है। आंकड़े बताते हैं कि आम लोगों से जुड़े सरकारी कामों में रिश्वत मांगने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

सूरजपुर में सबसे ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरजपुर में सबसे अधिक 16 अधिकारी-कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामलों में पकड़े गए हैं। इसके बाद रायपुर में 15 और रायगढ़ जिले में 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जमीन से लेकर बिजली कनेक्शन तक के कामों में मांगी रिश्वत
रिपोर्ट में रिश्वतखोरी से जुड़े कई तरह के सरकारी कामों का उल्लेख है। इनमें जमीन का नामांतरण, सीमांकन, निर्माण कार्यों के भुगतान, बिजली कनेक्शन जारी करने और शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत क्लेम से जुड़े मामले शामिल हैं। इन कामों को कराने के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायतों पर ACB ने कार्रवाई की।
सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर सवाल
ACB की पांच साल की रिपोर्ट सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत को उजागर करती है। खासकर राजस्व, स्कूल शिक्षा और पंचायत जैसे आम जनता से सीधे जुड़े विभागों में रिश्वतखोरी के मामले चिंता का विषय हैं। रिपोर्ट के आंकड़े यह भी बताते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद सरकारी कामकाज में रिश्वत मांगने की शिकायतें एक गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।

