लुण्ड्रा के जंगलों में सागौन की अवैध कटाई से हड़कंप : ग्रामीणों ने वनकर्मी पर तस्करों को संरक्षण देने का लगाया आरोप

सागौन की अवैध कटाई

अंबिकापुर। लुण्ड्रा वनपरिक्षेत्र के चेन्द्रा वनपरिसर अंतर्गत गंझाडांड़ और लालमाटी के जंगलों में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में लगातार पेड़ों की कटाई कर लकड़ी तस्कर इसे अवैध रूप से खपा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।

वनकर्मी की भूमिका पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने चेन्द्रा वनपरिसर में पदस्थ दरोगा संजय तिर्की की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि उनके पदस्थ होने के बाद इलाके में लकड़ी तस्करों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कुछ ग्रामीणों ने उन पर तस्करों को कथित संरक्षण देने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वनकर्मी की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गंझाडांड़ और लालमाटी के जंगलों में कटाई का आरोप

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों इलाकों में कीमती सागौन के पेड़ों को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटाई पर रोक नहीं लगाई गई तो जंगल के प्राकृतिक संसाधनों को बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्राम वन समिति लालमाटी के अध्यक्ष दसरत राम और ग्रामीण अविनाश कुजूर ने जंगल में हो रही कथित कटाई को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने वन विभाग से मौके का निरीक्षण कराने और अवैध गतिविधियों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जांच के बाद साफ होगी वास्तविक तस्वीर

ग्रामीणों ने जिम्मेदार वन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जंगल में लगातार पेड़ों की कटाई की शिकायतों के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

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