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दुर्ग मे मिला एक और कोविड पॉजिटिव मरीज: छतीसगढ़ में एक्टिव केस बढ़े… 700 से अधिक लोगों की हुई जांच

दुर्ग मे मिला एक और कोविड पॉजिटिव मरीज: छतीसगढ़ में एक्टिव केस बढ़े… 700 से अधिक लोगों की हुई जांच

दुर्ग। छत्तीसगढ़ मे कोरोना का ने दस्तक दे दी है। एक्टिव मरीजों की संख्या 9 हो चुकी हैं। साथ दुर्ग जिले मे भी एक ओर कोविड पॉजिटिव मरीज मिला हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कुल 702 लोगों की जांच की थी। इससे पहले रविवार को जांच में एक भी केस नहीं मिला था। वर्तमान में प्रदेश में 9 एक्टिव केस हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.14% है।

कोरोना के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी हेल्थ सेंटर में कोविड की जांच शुरू कर दी है। कोरोना से निपटने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से सभी कलेक्टर और CMHO को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला कोरोना पॉजिटिव केस
रायपुर 04
दुर्ग 03
बिलासपुर 01
कांकेर 01
लक्षण दिखे तो यहां करवाए जांच

सर्दी खांसी बुखार या कोरोना से संबंधित कुछ लक्षण नजर आते हैं, तो अपने नजदीकी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच करवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी हेल्थ सेंटर में कोरोना संक्रमण की जांच की व्यवस्था की गई है।

देशभर में एक्टिव केस 4 हजार के पार
देश में 24 घंटे में कोरोना के 628 मामले सामने आए हैं। एक्टिव केस की संख्या 4 हजार 52 पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, नए वैरिएंट के देश में 63 मामले मिले हैं। गोवा में 34, महाराष्ट्र में 9 और कर्नाटक में 8 मामले नए वैरिएंट के हैं। 24 घंटे में 315 लोग कोरोना से रिकवर हुए हैं।

कोरोना का सबसे ज्यादा असर केरल में देखने को मिल रहा है। 24 घंटे में 376 मामले सामने आए हैं और एक मरीज की मौत हुई है। इनमें 6 केस नए वैरिएंट के हैं। राज्य में पिछले 5 दिन में 8 मरीजों ने दम तोड़ा है।

केरल के बाद कोरोना का सबसे ज्यादा असर कर्नाटक और महाराष्ट्र मे हैं। कर्नाटक में 24 घंटे में 106 केस और महाराष्ट्र में 50 मामले सामने आए है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।

नए वैरिएंट को लेकर ICMR की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने सतर्क रहने को कहा है। न्यूज एजेंसी ANI से उन्होंने कहा- हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास JN.1 का कोई डेटा नहीं है, जिससे पता चल सके कि यह वैरिएंट खतरनाक है या नहीं।


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