पूर्व महापौर के भतीजे शोएब ढेबर पर फिर FIR; स्कूल संचालक की गाड़ी को टक्कर मारी, गाली-गलौज कर जान से मारने दी थी धमकी, वीडियो हुआ था वायरल

रायपुर। राजधानी रायपुर में रसूख और विवादों का पुराना नाता एक बार फिर सुर्खियों में है। शराब कारोबारी अनवर ढेबर के बेटे और पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि शोएब ने एक स्कूल संचालक की कार को टक्कर मारी और विरोध करने पर बीच सड़क गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

क्या है पूरा मामला?
घटना 6 फरवरी की रात करीब 10 बजे की है। शिकायतकर्ता आरबी मिश्रा, जो विशेष बच्चों के लिए स्कूल संचालित करते हैं, वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर दर्शन करने गए थे।

टक्कर और विवाद: दर्शन के बाद जब वे अपनी कार (CG-04-PY-5003) के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रही एक एंडेवर कार ने उनकी गाड़ी को लापरवाही से टक्कर मार दी।

बदसलूकी: जब मिश्रा ने चालक (शोएब ढेबर) को टोकते हुए सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी, तो आरोपी ने गाड़ी रोककर उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

वीडियो वायरल: इस पूरे विवाद का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जिसमें शोएब आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए साफ नजर आ रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और पीड़ित की औपचारिक शिकायत के बाद तेलीबांधा पुलिस ने शोएब ढेबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

विवादों का ‘ढेर’: शोएब का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब शोएब ढेबर कानून के घेरे में आए हैं। उनका पिछला रिकॉर्ड काफी विवादास्पद रहा है:

अगस्त 2025 (जेल में घुसपैठ): बिना अनुमति जेल के मुलाकात कक्ष में घुसने और जेल प्रहरियों से बदसलूकी करने के मामले में गंज थाने में केस दर्ज हुआ था। जेल प्रशासन ने उन पर बैन भी लगाया था।

सितंबर 2024 (क्लब में मारपीट): जूक क्लब की पार्किंग में गाड़ी रिवर्स करने को लेकर एक कारोबारी से मारपीट के मामले में तेलीबांधा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

फायरिंग मामला: करीब 5 साल पहले रायपुर के आईपी क्लब में मारपीट और फायरिंग के मामले में मंदिर हसौद थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

पुलिस का पक्ष: “शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। कानून सबके लिए बराबर है। वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।”

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