रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तत्कालीन एएसपी राजेंद्र जायसवाल के द्वारा स्पा संचालक से वसूली और धमकी भरे वीडियो को लेकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए अधिकारी को तत्काल निलंबित करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। यहां एक स्पा संचालक ने आरोप लगाया है कि एडिशनल एसपी ने स्पा के संचालन के बदले कथित तौर पर नियमित रूप से रकम की मांग की। संचालक का कहना है कि पैसे नहीं देने पर उसे दफ्तर बुलाकर दबाव बनाया गया और कार्रवाई की धमकी दी गई। इन्हीं आरोपों के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसे शिकायतकर्ता द्वारा गोपनीय रूप से रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर लेनदेन और दबाव बनाने से जुड़ी बातें सुनाई दे रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पूरा मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। यहां एक स्पा संचालक ने आरोप लगाया है कि एडिशनल एसपी ने स्पा के संचालन के बदले कथित तौर पर नियमित रूप से रकम की मांग की। संचालक का कहना है कि पैसे नहीं देने पर उसे दफ्तर बुलाकर दबाव बनाया गया और कार्रवाई की धमकी दी गई। इन्हीं आरोपों के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसे शिकायतकर्ता द्वारा गोपनीय रूप से रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर लेनदेन और दबाव बनाने से जुड़ी बातें सुनाई दे रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायतकर्ता स्पा संचालक ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने “मंथली” नहीं देने पर स्पा पर छापेमारी कर उसे बंद कराने की धमकी दी। शिकायत के साथ ऑडियो-वीडियो क्लिप और कथित व्हाट्सएप चैट को भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। संचालक का दावा है कि लगातार दबाव और धमकियों के चलते उसने सच्चाई सामने लाने के लिए रिकॉर्डिंग की।
मामला सामने आते ही प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की गई। बिलासपुर रेंज के आईजी ने एसएसपी बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और डिजिटल चैट की तकनीकी जांच कर उनकी सत्यता परखें और 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
शिकायतकर्ता स्पा संचालक ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने “मंथली” नहीं देने पर स्पा पर छापेमारी कर उसे बंद कराने की धमकी दी। शिकायत के साथ ऑडियो-वीडियो क्लिप और कथित व्हाट्सएप चैट को भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। संचालक का दावा है कि लगातार दबाव और धमकियों के चलते उसने सच्चाई सामने लाने के लिए रिकॉर्डिंग की।
मामला सामने आते ही प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई की गई। बिलासपुर रेंज के आईजी ने एसएसपी बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और डिजिटल चैट की तकनीकी जांच कर उनकी सत्यता परखें और 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
