अपडेट: भिलाई में सूर्या नगर की बस्ती खाक: अब तक की सबसे बड़ी आगजनी…खैरागढ़ इलेक्शन छोड़कर भिलाई पहुंचे मेयर नीरज ने की मुलाकात…आग लगी कैसे, होगी न्यायिक जांच

भिलाई। कैंप-2 सूर्यानगर की बस्ती में आग कैसे लगी? आखिर पूरी बस्ती कैसे इसकी चपेट में आ गई? क्या कोई साजिश तो नहीं थी? क्या फायर ब्रिगेड को पहुंचने में वाकई में देरी हुई? इन तमाम बिंदुओं पर सूर्यानगर में हुई आगजनी घटना की जांच होगी। दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जांच के आदेश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि, इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी। ताकि घटना के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।
आगजनी की खबर भिलाई TIMES ने सबसे पहले ब्रेक की। खबर ब्रेक के बाद मेयर नीरज पाल, विधायक विद्यारतन भसीन सब काम छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे।

मेयर नीरज पाल खैरागढ़ उपचुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उसे छोड़कर नीरज पाल सूर्यानगर पहुंचे। जहां उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की। प्रभावितों से भी बातचीत की।

विधायक विद्यारतन भसीन और मेयर नीरज पाल ने निगम व प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पीड़ितों के लिए उचित इंतजाम किए जाए। फिलहाल प्रशासन ने सरकारी भवन व सरकारी स्कूल में प्रभावितों का व्यवस्थापन कराया है। जहां ठहरने व भोजन की व्यवस्था की गई है।


आपको बता दें कि आज दोपहर साढ़े तीन बजे के आसपास सूर्यानगर की बस्ती में अचानक आग लगी। एक के बाद एक आग की लपटे फैलते गई और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले ली। फायर ब्रिगेड की टीम गाड़ी देर शाम तक आग को बुझाने का प्रयास करती रही।

रात 8 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका था। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पीडब्ल्यूडी चेयरमैन एकांश बंछोर, पार्षद पीयूष मिश्रा, मनीष पांडेय, राकेश पांडेय समेत अन्य जनप्रतिनिधि व नेता पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत की है। उनका दुख समझा है।

इधर, सीएम भूपेश ने जताया दुख
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई के फल मंडी पावर हाऊस के पीछे स्थित बस्ती में लगी आग की घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला कलेक्टर डॉ. भुरे को घटना से प्रभावित घायलों के त्वरित तथा उचित इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

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