बिलासपुर। पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। विजय बघेल की ओर से दायर चुनाव याचिका को आगे बढ़ने से रोकने की मांग को लेकर भूपेश बघेल की ओर से कानूनी चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में SLP खारिज होने के बाद अब मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आगे बढ़ रहा है।
विजय बघेल ने दी है निर्वाचन को चुनौती
विजय बघेल ने 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की है। याचिका में चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर चुनावी नियमों और धारा 126 से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिका में भूपेश बघेल के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है। हालांकि इन आरोपों पर अभी कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हुआ है।
हाईकोर्ट में भी खारिज हुई प्रारंभिक आपत्ति
हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2026 को भूपेश बघेल की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने माना कि याचिका में लगाए गए आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल में की जानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया जा रहा है। संबंधित पक्षों को साक्ष्य पेश करने का अवसर मिलेगा और मामले का फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
5 अक्टूबर को दर्ज होंगे साक्ष्य
हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका को 5 अक्टूबर 2026 को आगे की कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध किया है। आदेश के अनुसार इस दिन चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल और उनके गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। इस तरह पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा मामला अब साक्ष्य के चरण में पहुंच गया है। अंतिम फैसला आगे होने वाली सुनवाई और रिकॉर्ड पर आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।
