बिलासपुर में बीमा कर्मचारी से दुष्कर्म : पॉलिसी समझने के बहाने लॉज ले गया रैपिडो ड्राइवर, FIR दर्ज

बिलासपुर। तारबाहर थाना क्षेत्र में एक निजी बीमा कंपनी की महिला कर्मचारी से दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, रैपिडो ड्राइवर ने पहले युवती से बीमा पॉलिसी की जानकारी ली और बाद में ग्राहक बनकर उससे संपर्क बनाए रखा। आरोप है कि 28 अक्टूबर को पॉलिसी लेने के बहाने युवती को स्टेशन रोड स्थित एक लॉज में ले जाया गया, जहां कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अभिषेक सलूजा के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

रैपिडो राइड के दौरान हुई थी पहचान

पुलिस के अनुसार, कोरबा निवासी 25 वर्षीय युवती व्यापार विहार की एक निजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत है। उसका काम लोगों से संपर्क कर उन्हें बीमा योजनाओं की जानकारी देना है। 27 अक्टूबर को युवती ने रायपुर जाने के लिए रैपिडो बुक किया था। दयालबंद निवासी अभिषेक सलूजा बाइक से उसे लेने पहुंचा और रेलवे स्टेशन तक छोड़ा। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और मोबाइल नंबर साझा हुए। बातचीत के दौरान युवती ने आरोपी को बताया कि वह बीमा कंपनी में काम करती है और अलग-अलग पॉलिसी प्लान की जानकारी देती है।

पॉलिसी खरीदने की बात कहकर बुलाया

शिकायत के मुताबिक, अगले दिन आरोपी ने युवती से संपर्क किया और बीमा प्लान के बारे में जानकारी लेने के साथ पॉलिसी खरीदने की इच्छा जताई। युवती उसे योजना समझाने पहुंची। आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने शोरगुल का हवाला देते हुए किसी शांत स्थान पर बैठकर पॉलिसी समझने की बात कही। इसके बाद वह युवती को स्टेशन रोड स्थित एक लॉज में ले गया। युवती के मुताबिक, लॉज के कमरे में पहुंचने के बाद आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप है। घटना के बाद आरोपी वहां से चला गया।

घर पर नहीं मिला आरोपी

एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर पहुंचकर उसकी तलाश की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि घटना के बाद आरोपी के परिजनों ने उसे घर से बाहर कर दिया है। इसके बाद पुलिस उसके संभावित ठिकानों और परिचितों के यहां तलाश कर रही है।

लॉज संचालक की भूमिका भी जांच के घेरे में

घटना के बाद लॉज में सुरक्षा और पहचान संबंधी नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठे हैं। टीआई सनिप रात्रे के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बताया कि लॉज में उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेज लिए गए, लेकिन आरोपी से आईडी नहीं मांगी गई। पुलिस की पूछताछ में लॉज संचालक ने बताया कि आरोपी स्थानीय होने के कारण उससे पहचान पत्र नहीं लिया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लॉज संचालक को नोटिस जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

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