अफसर बनने BSP कर्मचारियों की परीक्षा प्रक्रिया शुरू: 12500 पात्र दावेदारों की सूची जारी…प्लांट में नौकरी के साथ-साथ कोचिंग भी ले रहे कर्मचारी, जुलाई तक आ सकती है प्रमोशन सूची

भिलाई। इन दिनों भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी नौकरी के साथ-साथ कोचिंग भी ले रहे हैं। ये कोचिंग कर्मचारी से अधिकारी बनने के लिए ले रहे हैं। कड़ी मेहनत कर पसीना बहा रहे हैं। उन्हें अब कर्मचारी से अफसर जो बनना है। आपको बता दें कि, बीएसपी में अधिकारी से कर्मचारी बनने के लिए ई-जीरो परीक्षा की प्रक्रिया बुधवार से शुरू कर दी गई।

प्रबंधन ने परीक्षा के लिए पात्र करीब 12 हजार 500 पात्र दावेदारों की सूची जारी की। जिसमें किसी तरह की त्रुटि होने पर दावेदार 23 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इसके पहले प्रबंधन ने 22 फरवरी को ई-जीरो परीक्षा की पॉलिसी जारी की थी। उसके डेढ़ महीने बाद यानि बुधवार को मॉड्यूल जारी किया गया, जिसमें पात्र दावेदारों की योग्यता सहित अन्य विस्तृत जानकारी दी गई है।

दावेदार ई सहयोग में जाकर इसका अवलोकन कर सकते हैं। यदि अपलोड की गई जानकारी में किसी तरह की त्रुटि नजर आती है तो दावेदार इसमें सुधार के लिए 23 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं।

ई जीरो की परीक्षा हर दूसरे साल आयोजित की जाती है लेकिन कोरोना की वजह से 2020 में परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी। इसके पहले 2018 और उससे पहले 2008 और 2010 में यह परीक्षा आयोजित की गई थी।

बीएसपी में करीब 12500 कर्मचारी इस परीक्षा के लिए पात्र हैं। इनमें से 209 कर्मचारी वर्क्स एरिया से और 37 कर्मचारी नॉन वर्क्स एरिया से होंगे।

बीएसपी में यूनियन प्रतिनिधियों की मांग है कि प्रबंधन को कवरेज बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस बार परीक्षा 4 साल बाद हो रही है। यदि 2020 में परीक्षा आयोजित की जाती तो उसमें करीब 250 कर्मियों को अधिकारी बनने का अवसर मिल जाता। कोरोना के कारण उस वर्ष परीक्षा नहीं की गई। लिहाजा इस बार कुल दावेदारों में से 2 प्रतिशत की बजाए 4 प्रतिशत कर्मी अफसर बनाए जाने चाहिए।

कर्मचारी से अधिकारी बनने वाले को प्रमोशन का लाभ जून 2022 से मिलने लगेगा। परीक्षा को लेकर प्रबंधन की तैयारी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई तक लिखित और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी कर नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। बीएसपी प्रबंधन द्वारा परीक्षा की प्रक्रिया शुरू करते ही दावेदार तैयारी में जुट गए हैं।

वे प्लांट में ड्यूटी के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं। वहीं शहर में परीक्षा की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर भी खुल गए हैं। बहरहाल कोरोना के कारण साल 2020 में परीक्षा में मौका नहीं मिलने के बाद इस बार परीक्षा ली जा रही है। दावेदारों की सूची जारी कर दी गई है। 12500 दावेदारों में सिर्फ 2 फीसदी ही अफसर बन पाएंगे।

परीक्षा के लिए एस 6 और उससे आगे के ग्रेड के कर्मियों को पात्र रखा गया है। जबकि 2018 की परीक्षा के पूर्व कर्मियों को एस 8 के बाद योग्यता के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में परीक्षा की पात्रता हासिल होती थी।

जहां इंजीनियरिंग डिग्रीधारियों के लिए यह पात्रता एस 8 के बाद एक साल होती थी। वहीं डिप्लोमा इंजीनियर्स 4 साल, आईटीआई कर्मी 9 साल थी। इस बार एस 6 के बाद 1 वर्ष, 4 वर्ष व 9 वर्ष किया गया है।

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