रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। अब तक की कार्रवाई में 53 लाख रुपए कैश, 3.234 किलो सोना और जरूरी डॉक्यूमेंट बरामद किए गए हैं। जिसकी कुल कीमत करीब 5 करोड़ 39 लाख रुपये हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है।
ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी है । हालांकि किस व्यापारी के घर क्या कितना मिला, यह डिस्क्लोज नहीं किया गया है। इस घोटाले में अभी 81 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है और अब तक 380 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। 30 अप्रैल को ED ने दुर्ग और बिलासपुर में रेड मारी थी। दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और दफ्तर पर दबिश दी गई थी, भिलाई में गोविंद मंडल के घर फैक्ट्री में भी जांच की गई।

दूसरी ओर, बिलासपुर में बड़े सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित ‘श्री राम ज्वेलर्स’ पर ED के 10 से ज्यादा अधिकारियों ने छापा मारा था। हालांकि किसके यहां से कितना कैश सोना बरामद हुआ, इसकी जानकारी ईडी अधिकारियों ने नहीं दी हैं।
ED को शक है कि, इन लोगों ने शराब घोटाले से जुड़ी अवैध रकम को ठिकाने लगाने और उसे वैध दिखाने में अहम रोल निभाया। ED की जांच में पहले ही खुलासा हो चुका है कि, साल 2019 से 2022 के बीच शराब लाइसेंस, सप्लाई और बिक्री में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि इस दौरान शराब कारोबार से अवैध कमीशन वसूला गया और सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर हजारों करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरे घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई थी। मामले में अब तक कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं।
इस केस में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में रिटायर्ड IAS अधिकारी, आबकारी विभाग के अफसर और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी अब तक करीब 380 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। शराब घोटाला मामले में 81 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है। ED को हालिया छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

