रायपुर: छत्तीसगढ़ के शहरी विकास को नई गति देने की दिशा में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राज्य के 139 नगरीय निकायों के लिए 194 करोड़ 93 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। इस फंड के माध्यम से प्रदेश के शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।

विकास के लिए दो श्रेणियों में मिली राशि
केंद्र सरकार द्वारा जारी यह राशि दो प्रमुख हिस्सों (टाइड और अनटाइड ग्रांट) में विभाजित है, जिसका उद्देश्य विशिष्ट विकास लक्ष्यों को पूरा करना है:
- टाइड ग्रांट (₹116.96 करोड़): इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से पेयजल आपूर्ति और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के लिए किया जाएगा। इससे शहरों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- अनटाइड ग्रांट (₹77.97 करोड़): इस फंड को शहरों में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क निर्माण, नाली निर्माण और अन्य स्थानीय विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जताया केंद्र का आभार
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस वित्तीय सहायता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से शहरों के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।
“राज्य सरकार शहरों के समग्र और सतत विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्राप्त राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हमारे शहर अधिक सुव्यवस्थित और स्वच्छ बनें।” — अरुण साव, उप मुख्यमंत्री

खबर के मुख्य बिंदु
- छत्तीसगढ़ के 139 नगरीय निकायों को सीधा लाभ मिलेगा।
- पेयजल और स्वच्छता के लिए ₹116.96 करोड़ का विशेष प्रावधान।
- आधारभूत ढांचे (सड़क-नाली) के लिए ₹77.97 करोड़ आवंटित।
- विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर।

