रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में दुर्ग जिला स्थित शिवपुरी स्टेडियम जामुल में प्रस्तावित दिव्य–भव्य श्रीराम कथा महोत्सव के आमंत्रण पत्र एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन कर जन–जन को अध्यात्म, संस्कृति और लोक–आस्था से जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन की आधिकारिक शुरुआत की।
आमंत्रण पर अंकित प्रभु श्री रामलला की अलौकिक, तेजोमय व सुशोभित मूर्ति पर दृष्टि पड़ते ही मुख्यमंत्री ने गहन श्रद्धा प्रकट की और कहा कि यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का अनुपम उत्सव बनेगा।
मुख्यमंत्री ने इसे “भक्ति, मर्यादा और राष्ट्रधर्म के दिव्य संदेश को जन–जन तक पहुँचाने वाला विराट सांस्कृतिक अभियान” बताया।

29 दिसंबर से होगा नौ दिवसीय श्री राम कथा
आगामी 29 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 तक संपन्न होने वाली यह श्री राम कथा अयोध्या धाम के श्रीरामलला सेवा सदन के पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी डॉ. राघवाचार्य जी महाराज की पावन वाणी से सुसंस्कृत होगी। महाराजश्री का दिव्य प्रवचन भक्तों को धर्म, भक्ति, आदर्श चरित्र, मर्यादा–पुरुषोत्तम के आदर्शों तथा रामत्व के शाश्वत संदेश से अनुप्राणित करेगा।
दशमासीय योजनाओं ने रचा अनुशासन–दर्शन
आयोजन समिति द्वारा विगत दस महीनों में की गई सुनियोजित, अनुशासित तथा समन्वित तैयारियाँ इस महोत्सव के व्यापक प्रभाव का संकेत देती हैं। 21 ग्रामों में ध्वज–स्थापना द्वारा दैवीय आह्वान व समस्त ग्रामवासियों को आमंत्रित किया। विभिन्न चरणों में रणनीति–निर्धारण व समन्वय बैठकें, युवाओं, महिला मंडलों, विभिन्न समितियों तथा सामाजिक समूहों की सक्रिय भागीदारी सम्मिलित रही। मुख्यमंत्री द्वारा विमोचन के उपरांत समिति अब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं तक व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पहुँचाने के अभियान की शुरुआत कर रही है, जो जन–सहभागिता का अद्वितीय उदाहरण है।
एक मंच पर सनातन संस्कृति का अद्वितीय संगम
इस महोत्सव की प्रमुख विशेषता यह है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देश के विविध प्रांतों से आगमन करने वाले प्रतिष्ठित संत, महंत, आचार्य, वेद–शास्त्र विद्वान और धर्मोपदेशक एक ही मंच पर विराजमान होंगे।
विभिन्न परंपराओं, सम्प्रदायों और आध्यात्मिक परंपराओं की ऐसी एकता भारत की सनातन संस्कृति के समन्वयकारी, समरस और सार्वभौमिक स्वरूप का जीवंत प्रमाण होगी। यह संगम न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देगा, बल्कि समाज में सद्भाव, एकता और सांस्कृतिक गर्व को भी सुदृढ़ करेगा।
28 दिसंबर को निकलेगी 11,111 मातृशक्ति की भव्य कलश–यात्रा
कथा आरंभ के एक दिवस पूर्व, 28 दिसंबर को 11,111 मातृशक्तियों द्वारा निकाली जाने वाली दिव्य कलश–यात्रा जामुल नगर को आध्यात्मिक आभा से आलोकित कर देगी। यह यात्रा सामूहिक श्रद्धा, धार्मिक उत्साह और लोक–भागीदारी का भव्य प्रतीक बनेगी तथा पूरे क्षेत्र को राममय वातावरण में परिणत कर देगी।
सनातन उत्सव मेला—भक्ति, संस्कृति और लोक–आनंद का त्रिवेणी संगम
महोत्सव–स्थल पर सजने वाला सनातन उत्सव मेला भी भक्तजनों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। मेले में 25 से अधिक आधुनिक व पारंपरिक झूले सैकड़ों उपयोगी एवं मनोरंजक स्टॉल धार्मिक साहित्य, स्मृति–चिह्न एवं प्रदर्शनी आदि उपलब्ध रहेंगे, जिससे संपूर्ण वातावरण उत्सव, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं—जामुल बनेगा भक्ति, संस्कृति और समरसता का केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्यारे श्री राधाकृष्ण संस्कार मंच, जामुल–सुरडुंग के नागरिकों तथा सभी सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी और कहा, “यह श्री राम कथा केवल आध्यात्मिक उन्नति का अवसर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सनातन संस्कृति की दिव्यता, लोक–एकता और सामाजिक समरसता का अलौकिक पर्व सिद्ध होगी।”