दुर्ग/रायपुर | केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए बजट पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जहाँ इसे ‘निराशाजनक और दिशाहीन’ बताया है, वहीं पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे राज्य को ठगने वाला बजट करार देते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

भूपेश बघेल का तंज: “मिडिल क्लास के साथ हुआ अन्याय”
दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बजट की खामियों को गिनाया।
टैक्स स्लैब: बघेल ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बावजूद इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न करना मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है।
अजीब प्राथमिकताएं: उन्होंने तंज कसा कि सरकार ने “शराब को महंगा और मछली को सस्ता” कर दिया है, लेकिन आम आदमी की थाली और विकास की योजनाएं गायब हैं।
शेयर बाजार की गिरावट: बजट के तुरंत बाद बाजार का गिरना इस बात का सबूत है कि निवेशकों को भी बजट पर भरोसा नहीं है।
कॉर्पोरेट प्रेम: उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ को अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के भरोसे छोड़ दिया गया है और नीतियां केवल ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ को साधने के लिए बनी हैं।

दीपक बैज की चेतावनी: “छत्तीसगढ़ को बेचने की तैयारी”
रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट को चुनावी गणित और क्षेत्रीय असमानता का पुलिंदा बताया। उन्होंने माइनिंग कॉरिडोर के मुद्दे पर सरकार को घेरा:
माइनिंग कॉरिडोर का विरोध: बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और केरल में माइनिंग कॉरिडोर बनाकर संसाधनों को चहेते उद्योगपतियों को सौंपने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, “अगले ढाई साल में पूरे छत्तीसगढ़ को बेचने की रणनीति है।”
झूठे दावे: वित्त मंत्री के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे ‘सफेद झूठ’ करार दिया।
चुनावी बजट: बैज के अनुसार, बजट में केवल उन राज्यों पर फोकस किया गया है जहाँ चुनाव होने वाले हैं, जबकि छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

“हम दो, हमारे दो” का नारा और आंदोलन का शंखनाद
कांग्रेस ने इस बजट को “हम दो, हमारे दो” की संज्ञा दी है। दीपक बैज ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी .”माइनिंग कॉरिडोर के निर्माण का पुरजोर विरोध किया जाएगा। हम राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे राष्ट्रीय नेताओं से चर्चा कर छत्तीसगढ़ में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।”

