रिसाली में कांग्रेस के पूर्व पार्षद ने ही उठा दिया सिस्टम पर सवाल…कहा-डेली वेजेस कर्मियों के पेमेंट रिलीज करने से पहले निगम में मांगा जा रहा कमीशन

भिलाई। नगर निगम रिसाली में इन दिनों ठीक चल रहा है कि नहीं…? इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस के ही नेता और पूर्व एमआईसी मेंबर ने ही शासन-प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिया है।

  • स्टेशन मरोदा से चुनाव लड़ने वाले पूर्व पार्षद व पूर्व एमआईसी मेंबर नरेश कोठारी ने कल एक ज्ञापन सौंपा है।
  • ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया के समक्ष उन्होंने अपनी बातें रखी है।
  • जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • इससे ये तो स्पष्ट हो गया है कि निगम में बहुत कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
  • पूर्व एमआईसी मेंबर नरेश कोठारी ने ज्ञापन में कहा है कि, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है।
  • उनके पीएफ में गड़बड़ी और स्वास्थ सुविधा नहीं मिल रहा है।
  • अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 20 अगस्त को निगम का घेराव किया जाएगा।
  • नरेश कोठारी का कहना है कि, श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन रिसाली निगम कर रहा है।
  • कर्मियों के पीएफ और मेडिकल सुविधाओं पर अनेक विसंगतियां है। जिसकी वजह से उन्हें लाभ नहीं मिलता।
  • एक से दस तारीख के बीच जो उनकी मासिक तनख्वाह मिलनी चाहिए, वह भी नहीं दी जाती।
  • जिसके कारण कर्मियों को गुजर बसर व पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  • समय पर तनख्वाह नहीं मिलने के कारण अति आवश्यक सीधे मजदूरों का शोषण किए जाने का आरोप नरेश कोठारी ने लगाया है।
  • उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि शीघ्र श्रम कानूनों के अनुसार सारी व्यवस्थाओं को ठीक किया जाए नहीं तो 20 अगस्त को उग्र आंदोलन किया जाएगा।
  • इस पर भाजपा पार्षद विधि यादव ने चुटकी ली है।
  • उन्होंने कहा, अब तो कांग्रेसी भी अपने ही सरकार और शासन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। क्या अब न्याय होगा?
  • उन्होंने कहा कि अब तक इन 6 माह में 3 बार इस मुद्दे पर उन्होंने कर्मचारियों के साथ आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था।
  • जिस पर केवल अब तक खानापूर्ति ही हुआ है।
  • कांग्रेस के पूर्व पार्षद, पूर्व एम आई सी सदस्य और इस साल भी कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश कोठारी ने आयुक्त के ऊपर गरीबों से 1000 रुपए कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगा रहे है ?
  • निगम में एक छोटा कर्मचारी मुश्किल से 5 से 7 हजार कमाता है और उनसे भी 1000 की वसूली और जो नहीं देगा उनका पेमेंट रोक दिया जा है।
  • यह तो गरीब मजदूरों के साथ अन्याय है विधि रिसाली का क्रियान्वयन होता दिखाई दे रहा है।
  • इस मामले में रिसाली निगम की ओर से कोई बयान नहीं आया है। कमिश्नर और मेयर का पक्ष भी सामने नहीं आया है।

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