भागलपुर। आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में भी कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। भागलपुर जिले में 65 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 35 वर्षीय बेटी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
अस्पताल अधीक्षक एचपी दुबे ने सोमवार को दोनों मरीजों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरा संक्रमित मरीज बुजुर्ग की पत्नी नहीं, बल्कि उनकी 35 वर्षीय बेटी हैं।

तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, 65 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत 15 जुलाई को खराब हुई थी। शुरुआत में उनका इलाज एक निजी क्लिनिक में कराया गया। कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें जेएलएनएमसीएच रेफर किया गया, जहां रविवार को उन्हें भर्ती कराया गया। आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू की। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के दौरान उनकी 35 वर्षीय बेटी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। दोनों मरीजों को अस्पताल में गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
आसपास रहने वाले लोगों की भी होगी जांच
अस्पताल अधीक्षक एचपी दुबे ने बताया कि दोनों मरीजों के इलाज के लिए कोरोना प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए और आसपास रहने वाले लोगों की भी जांच कराई जाए, ताकि संक्रमण की स्थिति का पता लगाया जा सके और जरूरत पड़ने पर समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि दोनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।
प्रशासन की अपील- सतर्क रहें, घबराएं नहीं
भागलपुर जिला प्रशासन ने भी आधिकारिक बयान जारी कर दोनों कोरोना संक्रमित मामलों की पुष्टि की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच, उचित सावधानी और इलाज से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।