बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ससुर की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बहू और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों ने बिजली का करंट लगाकर ससुर की हत्या की थी। वारदात को छिपाने के लिए शव के चेहरे पर चोट के निशान बनाकर हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी। हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों के संदेह और पुलिस की जांच से हत्या का खुलासा हो गया।
मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम खड़ेनाडीही निवासी गीता बाई निर्मलकर (30 वर्ष), पति गौकरण निर्मलकर ने अपने प्रेमी लेखराम निषाद (25 वर्ष), पिता फकीर राम निषाद, निवासी ग्राम बड़गांव के साथ मिलकर अपने ससुर लेखराम निषाद की बिजली का करंट लगाकर हत्या कर दी थी।

हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए ससुर की मौत को साइकिल से गिरने के कारण लगी चोटों का परिणाम बताने की कोशिश की। इसके लिए मृतक के चेहरे पर लगी चोटों पर हल्दी, गुलाल और तेल लगा दिया गया, ताकि मामला सामान्य दुर्घटना का लगे। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया। इसी दौरान ग्रामीणों को घटना पर संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की मौत दुर्घटना के कारण नहीं, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बहू गीता बाई निर्मलकर और उसके प्रेमी लेखराम निषाद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ कोर्ट) ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।