दुर्ग। दुर्ग के शासकीय विश्वनाथ यादव तमास्कर स्नातकोत्तर (साइंस) कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पिछले पांच सालों से फंड की कमी के कारण अधर में लटका ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य अब पुन: शुरू हो गया है। शहर विधायक और कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष पहल पर प्रदेश सरकार ने 8 करोड़ 96 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है।
सोमवार को मंत्री गजेंद्र यादव ने पीडब्ल्यूडी (PWD) के इंजीनियरों और कॉलेज प्रबंधन के साथ निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी जून 2026 तक हर हाल में कार्य पूर्ण कर लिया जाए ताकि नए सत्र से छात्र इसका लाभ उठा सकें।
राजनीति की भेंट चढ़ा था प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि इस ऑडिटोरियम की आधारशिला तत्कालीन डॉ. रमन सिंह सरकार के दौरान रखी गई थी। कॉलेज प्रबंधन की मांग पर बजट भी आवंटित हुआ और काम शुरू हुआ, लेकिन 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने इसे ‘फंड की कमी’ का हवाला देकर रोक दिया था। प्रदेश में भाजपा की सरकार लौटते ही मंत्री गजेंद्र यादव ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट के लिए पुनरीक्षित राशि स्वीकृत कराई।
750 सीटर आधुनिक ऑडिटोरियम की खासियतें
साइंस कॉलेज का यह ऑडिटोरियम न केवल दुर्ग बल्कि जिले का एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र बनेगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- क्षमता: 750 सीटों वाला विशाल हॉल।
- क्षेत्रफल: कुल 6722 स्क्वायर मीटर में निर्माण।
- स्टेज व हॉल: 225 स्क्वायर मीटर का भव्य स्टेज और 860 स्क्वायर मीटर का हॉल।
- आधुनिक तकनीक: पूरी तरह साउंड प्रूफ बिल्डिंग, एलईडी प्रोजेक्टर और वायरलेस साउंड सिस्टम।
- अन्य सुविधाएं: वीआईपी एरिया, डबल हाइट लॉबी, ट्रेनिंग के लिए मीटिंग हॉल, चेंजिंग रूम, वेटिंग एरिया और विशाल पार्किंग।
विद्यार्थियों के कौशल को मिलेगा मंच
निरीक्षण के दौरान मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, “हमारी सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यह ऑडिटोरियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच साबित होगा। पूर्व सरकार की उपेक्षा के कारण जो काम रुका था, उसे अब हम रिकॉर्ड समय में पूरा करेंगे।”
उन्होंने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार भी व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान कॉलेज स्टाफ और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

