दुर्ग। श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर ट्रस्ट एवं शासन स्पर्श वर्षावास समिति, दुर्ग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सिद्धितप पारणा महामहोत्सव का मंगलवार को भव्य और भावपूर्ण माहौल में समापन हुआ। आयोजन में छत्तीसगढ़ समेत देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से करीब 7,500 श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा आयोजन समिति ने किया।
महामहोत्सव के अंतिम दिन दुर्ग शहर सुबह से ही धार्मिक उत्साह में डूबा नजर आया। बैंड-बाजों की धुन, भक्ति संगीत, ढोल और धार्मिक जयकारों के बीच जगह-जगह समाजजनों ने तपस्वियों का स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने तपस्वियों के दर्शन कर उनकी साधना और त्याग की अनुमोदना की।
45 बग्घियों में निकला भव्य वरघोड़ा, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
समापन दिवस का सबसे बड़ा आकर्षण तपस्वियों का भव्य वरघोड़ा रहा। सुबह नवकारसी के बाद 45 सुसज्जित बग्घियों में सिद्धितप आराधक तपस्वियों को विराजित कर शोभायात्रा निकाली गई। वरघोड़े में महिलाएं, युवा, बच्चे और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। बैंड-बाजों और ढोल की गूंज के बीच श्रद्धालु धार्मिक जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। वरघोड़े में पंथी नृत्य की प्रस्तुति ने धार्मिक आयोजन के साथ छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक रंग भी जोड़ा।
समाजजनों ने तपस्वियों का किया स्वागत
मार्ग में कई स्थानों पर समाजजनों ने तपस्वियों का स्वागत किया। दुर्ग ओसवाल पंचायत के आह्वान पर समाज के व्यवसायी वर्ग ने भी बड़ी संख्या में अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रखकर आयोजन में सहभागिता की। आयोजन समिति ने इसे तपस्वियों के प्रति समाज की सामूहिक श्रद्धा और एकजुटता का प्रतीक बताया।
सभी घटकों के साधु भगवंतों ने दिया प्रवचन
महामहोत्सव की एक विशेष बात यह रही कि दुर्ग श्वेतांबर ओसवाल पंचायत के विभिन्न घटकों से जुड़े साधु भगवंतों ने तपस्वियों के सम्मान और कार्यक्रम की अनुमोदना में अपने-अपने घटक में प्रवचन किए। प्रवचनों में तप, त्याग, संयम, अनुमोदना और आत्मसाधना के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साधु भगवंतों ने समाजजनों को तपस्वियों की साधना की अनुमोदना और आयोजन में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
धर्मसभा के बाद हुआ तपस्वियों का सम्मान
भव्य वरघोड़े के बाद पूज्य गुरुभगवंतों के सानिध्य में धर्मसभा आयोजित की गई। इसमें तप की महिमा और तपस्वियों के त्याग एवं संयम पर विचार रखे गए। इसके बाद सिद्धितप आराधक तपस्वियों का बधामणा और सम्मान किया गया। दोपहर में सकल ओसवाल पंचायती का स्वामी वात्सल्य भी आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने हिस्सा लिया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु और स्थानीय समाजजन एक साथ शामिल हुए।
तीन दिनों में देशभर से पहुंचे करीब 7,500 श्रद्धालु
आयोजन समिति के मुताबिक 20 सितंबर को श्री सिद्धचक्र महापूजन के साथ शुरू हुए महामहोत्सव में तीन दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। 21 सितंबर को बारिश के बावजूद शाही पारणा और भक्ति संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं 22 सितंबर को भव्य वरघोड़ा, धर्मसभा, तपस्वी सम्मान और मंगल पारणा के साथ आयोजन का समापन हुआ। समिति के अनुसार तीनों दिनों में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 7,500 श्रद्धालु दुर्ग पहुंचे।
सीए पदम चंद बरड़िया ने आयोजन को समाज की एकजुटता का बताया प्रतीक
श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सीए पदम चंद बरड़िया ने आयोजन को समाज की एकजुटता और तपस्वियों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक बताया। वहीं शासन स्पर्श वर्षावास समिति के संयोजक सुरेश कोठारी ने आयोजन की सफलता को पूरे संघ के सामूहिक सहयोग और सेवाभाव का परिणाम बताया। तीन दिवसीय सिद्धितप पारणा महामहोत्सव का समापन भव्यता के साथ हुआ।
ट्रस्ट ने समाज के लोगों का जताया आभारआयोजन के दौरान तप, त्याग, संयम, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया। ट्रस्ट के महामंत्री विनोद गोलच्छा, चातुर्मास समिति मंत्री संजय लोढ़ा और मीडिया प्रभारी सीए मिनेश छाजेड़ ने भी आयोजन में सहयोग करने वाले समाजजनों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
