रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था और पुलिस अभिरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। गुरुवार को रायपुर कोर्ट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेंट्रल जेल से पेशी पर लाए गए दो विचाराधीन कैदी पुलिस को चकमा देकर रफूचक्कर हो गए। फरार कैदी रिश्ते में बाप-बेटे बताए जा रहे हैं।

बाप-बेटे ने दिया चकमा, पुलिस महकमे में हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, फरार कैदियों की पहचान राजेश मारकण्डेय और उसके बेटे तुलाराम मारकण्डेय के रूप में हुई है। ये दोनों हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में जेल में बंद थे। गुरुवार को जब उन्हें नियमित पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था, तब उन्होंने सुरक्षा घेरे में सेंध लगाते हुए भागने की योजना बनाई। बताया जा रहा है कि कोर्ट मुहर्रिर की अभिरक्षा में रहते हुए मौका मिलते ही दोनों कैदी आंखों से ओझल हो गए।
शहर भर में पुलिस का हाई अलर्ट
कैदियों के गायब होने की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनंद-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और शहर भर में नाकाबंदी कर दी गई है।
- FIR दर्ज: सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
- CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस: कोर्ट परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि उनके भागने की दिशा का पता चल सके।
- सुरक्षा पर सवाल: राजधानी में पुलिस कस्टडी से कैदियों का भागना सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल रहा है।
पुराने मामलों ने बढ़ाई चिंता
रायपुर में कैदियों के भागने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई आरोपी पुलिस को चकमा दे चुके हैं, जिनमें से कई आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गंभीर मामलों के आरोपियों का इस तरह सार्वजनिक स्थान से भाग जाना आम जनता की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा माना जा रहा है।