रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह राजस्थान में बैठकर देशभर के लोगों को अपना निशाना बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी RTO चालान भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देते थे।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
ठगी का यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा थाना क्षेत्र के निवासी धर्मेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्हें एक एसएमएस प्राप्त हुआ था जो RTO e-challan जैसा लग रहा था। जैसे ही उन्होंने मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनके बैंक खाते से 4.52 लाख रुपए पार हो गए।
पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) BNS और 66(D) IT एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की और आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल और नरसिंह सिंह के रूप में हुई है।
ठगी का हाईटेक तरीका: App डाउनलोड करते ही फोन पर कब्जा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गिरोह मुख्य रूप से इन चरणों में ठगी करता था:
- लालच देना: यूट्यूब और सोशल मीडिया पर ‘Task Complete’ और ‘Instant Bonus’ जैसे विज्ञापनों के जरिए Winmate और Wingo जैसे फर्जी ऐप डाउनलोड करवाए जाते थे।
- मैसेज ब्लास्ट: ये ऐप प्ले स्टोर पर नहीं होते। जैसे ही यूजर इन्हें इंस्टॉल करता, आरोपी उसके फोन का एक्सेस पा लेते और उसी के फोन से हजारों लोगों को हैकिंग लिंक वाले SMS भेजते थे।
- अकाउंट हैक: लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित का मोबाइल हैक हो जाता और बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते।
चौंकाने वाला खुलासा: ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी Swiggy/Instamart जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे। वे इन पैसों से सामान मंगाकर अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करवा देते थे ताकि कैश का ट्रेल न मिल सके।
साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस की एडवाइजरी
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:
- अधिकृत स्टोर ही चुनें: कोई भी ऐप केवल Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। कभी भी किसी अनजान APK फाइल को इंस्टॉल न करें।
- लालच से बचें: “आसान कमाई” या “गारंटीड रिटर्न” वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें।
- अनुमतियां (Permissions) जांचें: ऐप इंस्टॉल करते समय देखें कि क्या वह अनावश्यक रूप से आपके कॉन्टैक्ट, SMS या बैंक डिटेल की परमिशन मांग रहा है।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें: RTO चालान, बिजली बिल या बैंक केवाईसी के नाम पर आए संदिग्ध लिंक को न खोलें।
क्या करें अगर आप ठगी के शिकार हो जाएं?
यदि आपके साथ किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।