दुर्ग में सड़क हादसे के मामले में पिता को भी सजा, बिना लाइसेंस बेटे को दी थी बाइक; कोर्ट ने सुनाया 3 माह का कारावास
दुर्ग। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना एक पिता को भी भारी पड़ गया। अपने बेटे को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के मोटरसाइकिल चलाने देने के मामले में सत्र न्यायालय ने पिता को तीन माह के साधारण कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में बाइक चालक बेटे को भी पांच साल के सश्रम कारावास सहित अलग-अलग धाराओं में सजा दी गई है।
यह मामला दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत स्मृतिनगर पुलिस चौकी का है। सत्र न्यायालय दुर्ग ने 31 अक्टूबर 2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026 में फैसला सुनाते हुए पिता और पुत्र दोनों को दोषी ठहराया।

बाइक की टक्कर से हुई थी एक की मौत
पुलिस के मुताबिक, घटना 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे की है। कोहका स्थित इंदु आईटी स्कूल के पास मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 के चालक मोहित कुमार बघेल ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्टिवा क्रमांक CG 19 A-2771 को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक्टिवा चालक शादान अली की मौत हो गई थी, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जांच में सामने आई पिता की जिम्मेदारी
घटना के बाद स्मृतिनगर पुलिस चौकी में अपराध क्रमांक 1025/2025 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पता चला कि मोटरसाइकिल चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दी थी। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर पिता और पुत्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया था।
बेटे को पांच साल की सजा, पिता को तीन माह का कारावास
सत्र न्यायालय ने वाहन चालक मोहित कुमार बघेल को भारतीय न्याय संहिता और मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
मोहित कुमार बघेल (वाहन चालक) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड।धारा 110(2) के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड। मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 माह का साधारण कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड। धारा 3/181 के तहत 3 माह का साधारण कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
पिता मोहन लाल बघेल को मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 माह का साधारण कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस की अपील-नाबालिगों को न दें वाहन
इस मामले में स्मृतिनगर पुलिस चौकी और सुपेला थाना की टीम ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया था। राज्य की ओर से लोक अभियोजक द्रोण ठाकुर ने पैरवी की।
दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने न दें। वाहन सौंपने से पहले चालक की निर्धारित आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच जरूर करें। पुलिस का कहना है कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना न केवल चालक, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है।