भिलाई। मकान को बैंक में गिरवी कर बेचने के नाम पर 15 लाख रुपए लेकर ठगी करने वाले निगम कर्मी और उसके बेटे के खिलाफ पुलिस ने ठगी का अपराध कायम किया है। तीन वर्षों के मशक्कत के बाद पुलिस ने धारा 420,34 के तहत कार्रवाई किया है।

सुपेला पुलिस ने बताया कि 79/07 नेहरु नगर निवासी हितेश बख्शी ने नेहरु नगर निवासी नगर निगम भिलाई का कर्मी भूपेन्द्र सोनी और उनका पुत्र वरुण सोनी ने अपने मकान को बेचने के नाम पर 15 लाख रुपए लिया है। लेकिन इनका मकान बैंक में गिरवी कर रखा है।

इसकी जानकारी जब पीड़ित को तब हुई जब बैंक से नोटिस चस्पा करने उसके मकान में कर्मी पहुंचे थे। 1 मई 2017 को भूपेन्द्र सोनी की उड़िसा स्थित ट्रांसपोर्ट कारोबार में आर्थिक परेशानी होने के कारण अपना स्थायी मकान 83/7 नेहरु नगर पूर्व को बेचने की बात पीड़ित से कही थी।

आपसी रजामंदी के बाद दोनों के बीच 30 लाख रुपए मे मकान खरीदना तय हुआ। मकान की रजिस्ट्री तीन वर्षो में करना भी तय किया गया। इस दौरान एडवांस स्वरुप भूपेन्द्र सोनी ने पीड़ित से 15 लाख रुपए लिया।

इसके बाद पीड़ित हितेश बख्शी ने मकान के लिए बैंक फायनेंस कराने भूपेन्द्र सोनी और वरुण सोनी से दस्तावेज मंगा गया। तब लगातार दोंनो बाप बेटे दस्तावेज के लिए टाल मटोल कर परेशान करते रहे। इस बीच भूपेन्द्र सोनी की तबियत होने की जानकारी मिलने पर उसका भाटापारा अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल कराया गया।

रजिस्ट्री का पेपर परिवार वाले तबियत ठीक होने के बाद देने की हामी भरी थी। इसी तरह समय बीतने के बाद भूपेन्द्र सोनी के मोबाइल पर जब पीड़ित ने कॉल करने पर उसका मोबाइल स्वीच ऑफ आने लगा। आसपास पता करने पर ज्ञात हुआ कि सोनी परिवार ने कई लोगों को इस तरह का ठगी किया है।

चर्चा: कई लोगों के पैसे दबाए
जब हितेश बख्शी सामने आए तो अन्य पीड़ित भी एक-एक करके भूपेंद्र व उसके बेटे के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिए हैं। अब तक सिर्फ एक पीड़ित थे, अब इसकी संख्या बढ़ने वाली है। बताया गया कि, निगम के अधिकारी-कर्मचारी, ठेकेदार से लेकर कई पत्रकारों के पैसे दबाए है।




