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हसदेव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव का अलग ही स्टैंड: हसदेव पहुंचे सिंहदेव, बोले-आपकी मांगों को राहुल गांधी को बताऊंगा,,,पूछा- काटने से पहले कितने पेड़ लगाए? ग्राम सभा में लिए गए फैसले की जांच हो

हसदेव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव का अलग ही स्टैंड: हसदेव पहुंचे सिंहदेव, बोले-आपकी मांगों को राहुल गांधी को बताऊंगा,,,पूछा- काटने से पहले कितने पेड़ लगाए? ग्राम सभा में लिए गए फैसले की जांच हो

अम्बिकापुर। मैं दिल्ली जाकर आप सबकी मंशा, आपकी पीड़ा और हसदेव अरण्य को बचाने की आपकी मांग से हमारे नेता राहुल गांधी को अवगत कराऊंगा। उन्होंने पहले भी इस क्षेत्र में आकर इसे बचाने पर जोर दिया था तथा अभी विदेश में रहते हुए आपके आंदोलनों को जायज बताया है। मैं आपकी बात उन तक पहुंचाऊंगा। प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने उक्ताशय आज हसदेव अरण्य क्षेत्र के घाटबर्रा, हरिहरपुर, साल्ही, बासेन के दौरे के दौरान आमजनों से मुलाकात के दौरान कही।


इस दौरान घाटबर्रा पहुंचे पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने उस वन क्षेत्र का भी दौरा किया जहां पर कुछ दिन पूर्व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पेड़ों को काटा जा रहा था। इस दौरान मंत्री सिंहदेव ने न सिर्फ कटे हुए पेड़ो की जानकारी ली बल्कि वर्तमान में संचालित खदान के लिए काटे गए जंगल एवं वहां के पेड़ के एवज में कितने पेड़ कहां लगाये गए इसकी भी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों से ली साथ ही खदान में जहां कार्य पूर्ण हो गया है

वहां मिट्टी भरने के बाद पेड़ लगे या नहीं इसकी जानकारी ली, वन विभाग के उपस्थित कर्मचारियों ने बताया कि खदान के गड्ढों को भरने के बाद अब तक पेड़ नहीं लगाये गए हैं। जिसे लेकर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यही कारण है कि जनता का विरोध है। मैं पूछना चाहता हूं विगत दिन जो पेड़ भारी लाव-लश्कर की उपस्थिति में काटे गये, उसके एवज में दुगुना पेड़ कहा लगाया गया, मुझे जरा बतायें। नियम है एक एकड़ के बदले दो एकड़ एरिया में पेड़ लगना चाहिए, काटने तो आ गये, लेकिन पेड़ कहा लगा, इसकी जानकारी कौन देगा?

गलत जानकारी और गलत आंकड़ा देकर ये सबको भ्रमित कर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं, यह नहीं चलेगा, नियम और कानून से काम होगा। जनता दुबारा ग्रामसभा चाहती है, ग्राम सभा बुलाया जायेगा और तब फैसला होगा। जब जनता ने एकबार कह दिया कि वह ग्रामसभा फर्जी है तो इसे माना जाये। अन्यथा तो उस ग्रामसभा की जांच होनी चाहिए।


उनकी भी जांच हो जो जिला पंचायत के प्रस्ताव को दरकिनार कर रहे हैं और ग्राम सभा को वैधानिक बता रहे हैं। जब कि खुद वर्तमान सरपंच सहित पंच बता रहे हैं कि कोई ग्रामसभा की वैधानिकता की जांच हेतु उनका पक्ष लेने नहीं आया, फिर उसे वैधानिक बता कर गलत जानकारी कैसे सार्वजनिक की जा सकती है। जिला पंचायत ने कहा है, जनपद ने कहा है और ग्राम पंचायत व ग्राम खुद चाहते हैं। त्रि-स्तरीय पंचायती राज की पूरी व्यवस्था चाहती है कि ग्रामसभा हो तो होगा और वहीं फैसला माना जायेगा जो ग्रामसभा से आयेगा।

स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने तीर-कमान, भाले, टांगे, लाठी-डंडे हाथ में लेकर अपना जंगल बचाने हेतु धरने पर बैठे लोगों से चर्चा की उन्होंने खाना बनते हुए देखते हुए पूछा रोज कितना चावल लग रहा है, डाल और सब्जी कितनी लग रही है। घाटबर्रा के कैम्प में रोज 1 क्विंटल चावल की खपत होना लोगों ने बताया। इस दौरान चर्चा में महिलाओं ने कहा कि हम जंगल छोड़ कर कहीं नहीं जायेंगे, हमारे पूर्वजों ने यह धरती माता हमें सौंपी है और इसके लिए जान भी देना पड़े तो देंगे हम इसे छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाले।

वहीं लोगों ने यह भी जानकारी दी की वर्षों से यहां पर रह रहे हैं, वन अधिकार पत्र की मांग कई बार की लेकिन अब तक पट्टा नहीं मिला। लोगों ने बताया कि जब सैकड़ों की संख्या में पुलिस, शासन-प्रशासन की टीम यहां जंगल काटने हेतु पहुंची और हम विरोध कर रहे थे तो हमारे साथ उनका व्यवहार सही नहीं था, महिलाओं को काफी चोट लगी है, किसी का कपड़ा फटा, किसी को दूर फेका गया, हमारे जंगल में हमें ही नहीं जाने दिया जा रहा था, कोई सरकार और उसके लोग ऐसे कैसे कर सकते हैं।

समझ से परे है कि हम संवैधानिक व्यवस्था में हैं या कहीं और हैं। जिसे चुन कर वोट देकर हमने भेजा है वह कैसे हमारे ही विरुद्ध खड़ा हो रही है। क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में काफी नाराजग़ी देखने को मिली।

2050 तक कोयले से बिजली की निर्भरता खत्म करनी है, फिर कोयला हसदेव से ही क्यों, कहीं और से क्यों नहीं: सिंहदेव
हरिहरपुर में ग्रामीणजनों को सम्बोधित करते हुए पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यावरण को बचाने के लिए उसे स्वच्छ एवं सुंदर रखने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं और वैश्विक स्तर पर यह तय किया गया है कि 2070 तक कोयले से बिजली बनाने की निर्भरता हमें पूरी तरह समाप्त करनी है, हमारे देश को 2050 का लक्ष्य दिया गया है, हमने 2030 तक कि बात कही है, अभी 2022 चल रही है।

जब आने वाले समय में हमें इससे दूर जाना है और हमारे पास कोयले की अकूत भंडार है तो हम केवल वनक्षेत्रों का ही कोयला क्यों निकालें, हम ऐसे क्षेत्रों पर भी जा सकते हैं जहां वन न हो तो हमें ऐसी सोच रखनी है, जहां हम ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण बचा सकें। मेरा व्यक्तिगत सुझाव यही है कि यदि कोयला चाहिये जरूरी है तो फारेस्ट लैंड को छोड़ ग्राऊँड एरिया को लेना चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार ने ही कोरबा के दो बिजली के पावर प्लांट जिनका अब समय पूर्ण होने वाला है, पुराने हो गये हैं, जिन्हें अब बंद किया जाना है, यह फैसला लिया है कि हम नये प्लांट नहीं लगायेंगे।

यह सोच क्यों है अपने पर्यावरण को संरक्षित, सुरक्षित रखने की है। जब हमारे पास 80 साल का कोयला मौजूद है और हम यह तय कर चुके हैं कि 2030 तक कोयले से बिजली बनाने की निर्भरता पूरी तरह से छोड़ देंगे फिर क्यों हम हसदेव को बर्बाद करें, एक सघन वन क्षेत्र को तबाह करें। मेरा मानना है इस पर फिर से सोचने, विचार करने और आप सभी के साथ चलने की आवश्यकता है। यदि हसदेव अरण्य को हम बिजली की आवश्यकता के लिए तबाह कर दिए तो हमारे पर्यावरण पर, हमारे तापमान पर काफी चीजों पर काफी फर्क पड़ेगा।

ग्राऊँड एरिया से कोयला निकालने के अलावा विदेशों से भी कोयला सस्ता मिल रहा है तो वहां से क्यों न लाकर बिजली बनाई जाये। केवल हसदेव को ही उजाड़ कर बिजली बन सकती है अथवा नहीं बन सकती ऐसी कोई बात नहीं है। फिर हम दूसरे संसाधनों एवं दूसरे चीजों की ओर रुख क्यों नहीं करना चाहते। यह केवल घाटबर्रा, फतेहपुर, साल्ही, हरिहरपुर की बात नहीं है, यह पूरे सरगुजा एवं देश की बात है इस पर सोचना होगा, समझना होगा।

गोली, डंडा चली तो पहली गोली, डंडा मैं खाऊंगा: सिंहदेव
मैं आपके आंदोलन में देर से पहुंचा हूं इसका कारण यह है कि जब तक आप एकजुट नहीं होंगे मेरा कुछ भी बोलना सही नहीं रहेगा। इसलिए जब और जहां आप एकजुट रहेंगे मैं आपके आगे-आगे चलूंगा। यदि गांव दो तीन भागों में बंट गया और कोई खदान चाहता है, कोई नौकरी चाहता है और कोई नहीं चाहता तो ऐसे समय में किसकी ओर से खड़ा हुआ जाये यह कठिन हो जाता है। लेकिन आप एकजुट हैं और आपको दबाया जा रहा है, आपको परेशान किया जायेगा तो आप निश्चित रहिये मैं हमेंशा आपकी लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ खड़ा हूँ, लेकिन आपको भी एकजुट रहना होगा। फिर चाहे गोली चले या डंडा पहली गोली व डंडा मैं खाऊंगा। मैं यहां आया हूँ तो आपकी एकजुटता के कारण ही आया हूँ, यदि आप आपस में बंट जाएंगे तो हम लोगों के लिए भी मुश्किल हो जाता है कि किसके साथ खड़े हों। इसलिए एकजुटता बनाये रखिये।

परसोड़ीकलां, कटकोना में जीत हुई, हसदेव भी बचेगा : सिंहदेव
परसोड़ीकला एवं कटकोना दोनों ग्राम पंचायत इसके उदाहरण हैं कि जहां लोग एकजुट रहे हैं, वहां खदान नहीं खुल पायी है। आप सब भी एकजुट रहे तो जीत हमारी होगी, हसदेव अरण्य को हम कटने नहीं देंगे। हसदेव अरण्य को बचाया जायेगा, हम सब साथ खड़े होंगे।

लगभग 8 लाख पेड़ कटेंगे यदि कोल ब्लॉक शुरू हुआ : सिंहदेव
आज जब लगभग 8 लाख पेड़ हसदेव क्षेत्र से कटने वाले हैं, ऐसे में यह सोचिए कि जब पहले से जो खदान संचालीत है वह खदान के नियम व शर्तों का ही पूर्ण रूप से पालन नहीं कर रही तो फिर आगे जो ब्लॉक आवंटन हुए हैं, वहां के एक एकड़ पेड़ के बदले दो एकड़ पेड़ लगाने का जो नियम है उसका पालन कहा हो रहा है।

परसा-केते की संचालीत कोल ब्लॉक के विरुद्ध बताया जा रहा है जशपुर में पौधारोपण कराया गया है, अब जो नई प्रस्तावित खदान है उसके बदले बताया जा रहा है कि कोरिया में पोधोरोपन किया जायेगा। बर्बाद होगा हसदेव, सरगुजा का एरिया, यहां उजाड़ बना दिया जायेगा और वृक्षारोपण कहीं और होगा, यहां की आबोहवा का क्या, यहां के पर्यावरण का क्या? मैं आम लोगों की जो भी राय है उसके साथ खड़ा हूँ और मेरी व्यक्तिगत राय है कि हमें हसदेव अरण्य को बचाना चाहिए। यह हमारे पर्यावरण एवं स्वच्छ हवा, पानी के लिए जरूरी है।

वोटर कार्ड एवं राशन कार्ड चेक कीजिये जो आपके ग्राम का है उसे ही जनसुनवाई एवं ग्रामसभा में रखिये, बाहरी आयें तो ग्रामसभा, जनसुनवाई का बहिष्कार कीजिये : सिंहदेव
पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने हरिहरपुर में आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं बासेन हैलीपैड पर उतरा तो तारा, लखनपुर, उदयपुर क्षेत्र के काफी लोग मिले जो खदान खुलने के समर्थक हैं। मैंने उनसे कहा भी की जब आपकी जमीन नहीं जा रही है तो फिर आप यहां क्या कर रहे हैं। ये बड़े लोग हैं लोगों को गाड़ियों में भर-भर कर लेकर आये थे। ये वहीं लोग है जो जनसुनवाई और ग्रामसभा में पहुंच कर हामी भरते हैं। मेरा आप सबको सुझाव है अब जब भी ग्रामसभा एवं जन सुनवाई हो वहां उन्हीं लोगों को आने दें जो प्रभावित क्षेत्र का हो, वोटर कार्ड एवं राशनकार्ड से उन्हें पहचानिए जो आपके क्षेत्र का नहीं उसे भगाइये और यदि उनकी उपस्थिति में ग्रामसभा या जनसुनवाई होती है तो उसका विरोध कीजिये, बहिष्कार कीजिये। ग्रामसभा, जनसुनवाई वहीं हो जो प्रभावित क्षेत्र है, दूसरे क्षेत्र में होता है तो खुल कर बहिष्कार कीजिये, विरोध कीजिये। मैं हमेशा आपकी आवाज़, आपकी मांग, आपके आंदोलन के साथ हूं।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, राजनाथ सिंह, विधायक प्रतिनिधि सिद्धार्थ सिंह देव, राजीव सिंह, ओमप्रकाश सिंह, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सरपंच सहित काफी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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