IPS डांगी के खिलाफ उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट सख्त, पुलिस अधिकारियों को लगाई फटकार, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बिलासपुर। IPS अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ उत्पीड़न से जुड़े मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारियों से जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय में जवाब पेश नहीं किए जाने पर कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई।

हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र के माध्यम से लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित ऑफिसर-इन-चार्ज को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है।

जांच को लेकर याचिका में उठे सवाल

पीड़िता ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में मामले की जांच किसी IAS अधिकारी से कराए जाने की मांग की है। याचिका में IPS अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए समान रैंक के अधिकारी से जांच कराए जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।

याचिका में बताया गया है कि मामले की जांच IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा और मिलना कुर्रे कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने मिलना कुर्रे के रतनलाल डांगी से जूनियर होने का उल्लेख करते हुए जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

निलंबन और संपत्ति जांच की भी मांग

याचिका में IPS रतनलाल डांगी को निलंबित नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने डांगी की कथित अवैध संपत्ति की जांच कराने की मांग भी हाईकोर्ट के समक्ष रखी है।

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से अगली तारीख तक स्पष्ट और लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को होगी।

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