डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर ठगी को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। रेलवे चौक स्थित वैसलियन चर्च के पास उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत करीब 10 राज्यों से पहुंचे निवेशकों ने आरोपी के घर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। निवेशकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
‘लॉन्ग एशिया’ प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को फंसाने का आरोप
पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि ‘लॉन्ग एशिया’ नाम के एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके लिए जूम मीटिंग और सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। निवेशकों के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें अच्छा रिटर्न मिला, जिससे प्लेटफॉर्म पर उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद कई लोगों ने बैंक से पैसे निकालकर और कर्ज लेकर भी बड़ी रकम निवेश कर दी।

पीड़ितों का दावा है कि फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म पर तकनीकी समस्या का हवाला देकर पैसे की निकासी बंद कर दी गई। इसके बाद निवेशकों को भुगतान नहीं मिला और उनकी रकम फंस गई। प्रदर्शन कर रहे निवेशकों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में पांच लोग शामिल हैं और देशभर में एक लाख से अधिक लोग कथित तौर पर प्रभावित हुए हैं। निवेशकों ने फंसी रकम अरबों रुपये में होने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
10 राज्यों से पहुंचे निवेशक, आरोपी के घर के बाहर प्रदर्शन
नागपुर से पहुंचे पीड़ित निवेशक रविशंकर बाघ ने कुलजीत सिंह भाटिया, जोगेंद्र वर्मा और अभय कुनले समेत अन्य लोगों पर ठगी में शामिल होने का आरोप लगाया है। निवेशकों का कहना है कि वे जल्द ही राजनांदगांव एसपी और रेंज आईजी से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
वहीं, डोंगरगढ़ थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने बताया कि पुलिस को फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान से ठगी हुई है, वहां शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही, निवेशक कार्रवाई पर अड़े
फिलहाल पुलिस लिखित शिकायत का इंतजार कर रही है, जबकि देश के अलग-अलग राज्यों से डोंगरगढ़ पहुंचे पीड़ित निवेशक कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले को लेकर सामने आ रहे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि ‘लॉन्ग एशिया’ प्लेटफॉर्म के RBI या SEBI से अधिकृत होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, न्यूजीलैंड की वित्तीय नियामक संस्था FMA की ओर से भी इस प्लेटफॉर्म को लेकर पहले चेतावनी जारी किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में निवेशकों से अपील है कि किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी नियामकीय मान्यता और विश्वसनीयता की पूरी तरह जांच जरूर करें।

