रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर की आईपीएस अधिकारी राजश्री मिश्रा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। रायपुर में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रभावित संदिग्ध ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों का खुलासा करने और आतंकवाद निरोधक खुफिया जांच में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक (KGDP)-2026 के लिए चुना गया है। यह उनका दूसरा केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक है।
वर्ष 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी राजश्री मिश्रा वर्तमान में छत्तीसगढ़ आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) में पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उनकी निगरानी में एटीएस की टीम ने करीब छह महीने तक गोपनीय जांच और खुफिया निगरानी की। इस दौरान रायपुर के दो नाबालिगों की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और ISIS से प्रेरित कट्टरपंथी प्रचार सामग्री के प्रसार से जुड़े संकेत सामने आए।

छह महीने की जांच में सामने आया ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, एटीएस ने तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। डिजिटल गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ते हुए दोनों नाबालिगों की पहचान की गई। अधिकारियों ने संवेदनशील मामले में डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की।
जांच के बाद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, नाबालिगों से संबंधित कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय व्यवस्था के निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई।
किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया गया आरोपपत्र
निर्धारित समयसीमा के भीतर माना स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया। पूरी जांच का मुख्य केंद्र ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रभाव और चरमपंथी प्रचार सामग्री के कथित प्रसार की पड़ताल रहा। हालांकि, मामले में दोनों नाबालिगों द्वारा किसी आतंकी हमले को अंजाम देने का दावा नहीं किया गया है।
पहले भी मिल चुका है राष्ट्रीय स्तर का सम्मान
आईपीएस राजश्री मिश्रा को इससे पहले प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक मिल चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 में उन्हें सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था।
दूसरी बार केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चयन को आतंकवाद निरोधक जांच, खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण और डिजिटल माध्यमों से फैलने वाली कट्टरपंथी विचारधारा की समय रहते पहचान के क्षेत्र में उनके योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।