बस्तर दशहरा में आस्था का महासैलाब : फूल रथ पर विराजा मां दंतेश्वरी का छत्र, राष्ट्रपति के आगमन की बढ़ी हलचल

जगदलपुर। बस्तर की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत बस्तर दशहरा अब अपने प्रमुख पड़ावों की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार रात जगदलपुर में फूल रथ की परिक्रमा शुरू होते ही दशहरा उत्सव का माहौल और भक्तिमय हो गया। आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छत्र को फूलों से सजे विशाल रथ पर विराजित कर पारंपरिक विधान पूरा किया गया। इस ऐतिहासिक रस्म को देखने और रथ खींचने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर पहुंचे।

बस्तर दशहरा की खास परंपराओं में शामिल फूल रथ की परिक्रमा नवरात्रि के तीसरे दिन और जोगी बिठाई के दूसरे दिन शुरू होती है। मां दंतेश्वरी के छत्र के रथ पर विराजमान होते ही परिक्रमा का विधान शुरू हुआ। परंपरा के मुताबिक यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और बस्तर दशहरा के प्रमुख विधान भीतर रैनी तक इसकी विशेष रौनक देखने को मिलेगी।

आस्था के साथ दिखी बस्तर की सांस्कृतिक पहचान

फूल रथ के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक माहौल ने जगदलपुर की सड़कों को उत्सव के रंग में रंग दिया। रथ को खींचने के लिए लोगों में खास उत्साह नजर आया। स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में बाहर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी इस अनूठी परंपरा को करीब से देखा।

सांसद महेश कश्यप ने दी जानकारी

बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष और सांसद महेश कश्यप ने फूल रथ की परिक्रमा को बस्तर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जा रहा है। उन्होंने मां दंतेश्वरी और मावली माता से दशहरा पर्व के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना की।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन से बढ़ा उत्साह

इस बार बस्तर दशहरा को लेकर लोगों का उत्साह इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुरिया दरबार में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। राष्ट्रपति के संभावित आगमन को बस्तर के लिए गौरव का अवसर माना जा रहा है। इसे लेकर स्थानीय लोगों और आयोजन से जुड़े लोगों में खास उत्सुकता है।

राष्ट्रपति का आगमन बस्तर के लिए गर्व का विषय

सांसद महेश कश्यप ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को बस्तर के लिए सम्मान और गर्व का विषय बताते हुए उनके स्वागत की बात कही। राष्ट्रपति के कार्यक्रम की संभावना ने पहले से ही उत्साह से भरे बस्तर दशहरा को और खास बना दिया है।

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