रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में अब गुरुवार को अंतिम सुनवाई होगी। आज हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच के सामने अमित जोगी के वकील ने फाइल और जवाब देने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने सीबीआई को तुरंत फाइल देने का निर्देश दिया। साथ ही वकील से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले को हाईकोर्ट में फिर से खोला गया है। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच में सतीश जग्गी, सीबीआई, राज्य सरकार और अमित जोगी के वकील मौजूद रहे।

इस दौरान अमित जोगी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें केस की फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई है, इसलिए जवाब देने के लिए समय दिया जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने समय देने से इनकार कर दिया और सीबीआई के वकील को निर्देश दिया कि फाइल तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि 24 घंटे के भीतर जवाब पेश किया जाए और अगली सुनवाई में मामले की अंतिम सुनवाई की जाएगी।
2003 में गोली मारकर की गई थी हत्या
4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे। जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि, 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।