बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट इस मामले पर दोबारा सुनवाई कर रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अब इस मामले में 1 अप्रैल को अंतिम सुनवाई तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने जग्गी हत्याकांड के मामले में अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की अपील पर अब गुण-दोष के आधार पर नए सिरे से विचार करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले हाईकोर्ट ने तकनीकी कारणों और देरी के आधार पर इन अपीलों को खारिज कर दिया था। इसके बाद सतीश जग्गी ने हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन लगाई है। मंगलवार को मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अमित जोगी और शिकायतकर्ता सतीश जग्गी को 25 मार्च 2026 को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।

बुधवार को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सतीश जग्गी व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट में उपस्थित हुए और निवेदन किया कि वे नया वकील नियुक्त करना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने न्याय के हित में उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
जानिए क्या है मामला
एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे। जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब 19 साल पुराने इस मामले की फाइल खुलेगी।
4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की राजनीतिक साजिश के तहत गोली मारकर हत्या।
2004 में मामला सीबीआई को सौंपा गया; अमित सहित 31 आरोपी बने।
2007 में कोर्ट का फैसला : सबूतों के अभाव में अमित जोगी बरी, पुलिस अधिकारियों सहित 28 अन्य को उम्रकैद।
2023-24 में हाईकोर्ट ने सभी दोषियों की उम्रकैद बरकरार रखी। अमित जोगी का मामला विचाराधीन है।
CBI के 11 हजार पन्नों के दस्तावेज उपलब्ध कराएं : जोगी
इस मामले में अमित जोगी ने कहा कि जग्गी प्रकरण में मैं 2007 में ससम्मान बरी हुआ था। न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। सत्य की जीत होगी। हमारी मांग है कि सीबीआई के 11 हजार पन्नों का दस्तावेज उपलब्ध करवाया जाए।

