रायपुर/जांजगीर-चांपा | 16 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ शासन ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। जांजगीर-चांपा जिले के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में अनियमितता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना’ से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार:
- शिकायत: 02 मार्च 2026 को जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा ने कलेक्टर से इस संबंध में शिकायत की थी।
- विधानसभा में गूंजा मुद्दा: क्षेत्रीय विधायक बालेश्वर साहू ने इस मामले को विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
- जांच रिपोर्ट: कलेक्टर द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन आवेदनों को स्वीकृत करने में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इस प्रक्रिया में क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
निलंबन और विभागीय जांच
जांच रिपोर्ट के आधार पर श्रमायुक्त के अनुमोदन से अपर श्रमायुक्त (स्थापना), नवा रायपुर द्वारा सोमवार को निलंबन आदेश जारी किया गया।
आदेश की मुख्य बातें:
- तत्काल प्रभाव से निलंबन: मरकाम को पद से हटा दिया गया है।
- मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है।
- जीवन निर्वाह भत्ता: नियमानुसार उन्हें निलंबन की अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
- विभागीय जांच: अधिकारी के विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच भी संस्थित की गई है ताकि भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहितैषी योजनाओं, विशेषकर श्रमिकों से जुड़ी सहायता राशि में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
