कवर्धा। कबीरधाम जिले के कुमान गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान पांच आदिवासी बैगा बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। कांग्रेस की ओर से गठित छह सदस्यीय दल ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया और बच्चों की मौत को लेकर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने मौतों के पीछे गंभीर कुपोषण होने का आरोप लगाया है, हालांकि बच्चों की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
कांग्रेस के दल में मोहला-मानपुर विधायक इंदर साव मांडवी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मांडवी, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और पूर्व विधायक ममता चंद्राकर सहित पार्टी के सदस्य शामिल रहे। नेताओं ने गांव पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।
कांग्रेस का आरोप- योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
गांव का दौरा करने के बाद कांग्रेस विधायकों ने दावा किया कि पांचों बच्चों की मौत गंभीर कुपोषण की वजह से हुई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आदिवासी बैगा परिवारों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। उनका कहना है कि यदि पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचता, तो बच्चों की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकते थे।
राष्ट्रपति और राज्यपाल के सामने मामला उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने पांच बच्चों की मौत को गंभीर बताते हुए मामले को उच्च स्तर पर उठाने की बात कही है। दल के सदस्यों ने कहा कि वे इस मामले को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और अपनी शिकायत उनके सामने रखेंगे। कांग्रेस के दौरे के बाद बच्चों की मौत के कारणों के साथ गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की पहुंच का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
कुछ महीनों में पांच बच्चों की मौत
मामला कबीरधाम जिले के रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान का है। यहां पिछले करीब चार महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा गांव के करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की भी जानकारी है। लगातार बच्चों की मौत सामने आने के बाद ग्रामीणों ने किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है। दूसरी ओर कांग्रेस इसे गंभीर कुपोषण से जोड़ रही है।
