रायपुर, 27 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी रायपुर के उरला और सिलतरा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वाले 30 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने और बिजली काटने (विद्युत विच्छेदन) के आदेश जारी किए गए हैं।

इन बड़े उद्योगों को थमाया गया नोटिस
पर्यावरण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई निगरानी में कई बड़े नाम सामने आए हैं। जनवरी 2026 से अब तक 23 उद्योगों को गंभीर उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:
- वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (स्पंज आयरन)
- शिल्फी स्टील्स प्रा. लिमिटेड
- एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड
- सारडा एनर्जी मिनरल्स लिमिटेड: फ्लाई ऐश की अवैध डम्पिंग के मामले में नोटिस।
30 उद्योगों में काम-काज ठप, 28 लाख से ज्यादा की पेनाल्टी
मंडल ने स्पष्ट किया है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद जिन उद्योगों ने सुधार नहीं किया या बिना अनुमति के संचालन कर रहे थे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
- सीलबंदी की कार्रवाई: 30 उद्योगों में उत्पादन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है।
- आर्थिक दंड: पर्यावरणीय नियमों को ताक पर रखने वाले 13 उद्योगों पर कुल 28 लाख 92 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) लगाई गई है।

“जब तक संबंधित उद्योग सभी पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जनहित और पर्यावरण संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर
सतत निगरानी और सख्त संदेश
मंडल ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और जल अधिनियम, 1974 के तहत यह कार्रवाई की है। औद्योगिक इकाइयों को सख्त चेतावनी दी गई है कि प्रशासनिक निर्देशों का समयबद्ध पालन न करने पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।

