रूंगटा यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट गुरु एन. रघुरामन का विशेष सेशन, कहा – जिसने समय की कीमत समझी वही बनेगा असली लीडर

भिलाई। कॅरियर चुनते समय केवल पद या वेतन को ही आधार न बनाया जाए। सही कॅरियर वह होता है, जो व्यक्ति की जीवनशैली और मूल्यों से मेल खाता हो। हमेशा एक ऐसा काम चुनना चाहिए, जो लंबी अवधि तक संतोष और खुशी दे सके। यह बातें देश के प्रसिद्ध मैनेजमेंट गुरु एन. रघुरामन ने गुरुवार को भिलाई स्थित रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में एमबीए स्टूडेंट्स को विशेष व्याख्यान के दौरान कही।

रघुरामन ने रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि हमें केवल आरओआई (निवेश पर लाभ) ही नहीं देखना चाहिए, बल्कि समय पर मिला सही फल भी देखना जरूरी है। उन्होंने समझाया कि जीवन में समय का सही उपयोग ही असली सफलता है। पैसा तो फिर से कमाया जा सकता है, लेकिन समय लौटकर नहीं आता इसलिए समय का निवेश सोच-समझकर करना चाहिए।

कौन होता है सच्चा लीडर
स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने डोंट रिएक्ट- रि–एक्ट का सूत्र दिया। इसका अर्थ है कि बिना सोचे-समझे तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय ठहरकर सोचें और स्थिति को अवसर में बदलने की कोशिश करें। रघुरामन ने छात्रों को फ्रॉग लीप रणनीति भी समझाई। इसका मतलब है, सही समय पर सही कदम उठाकर प्रतिस्पर्धा से आगे निकलना। उन्होंने बताया कि कभी-कभी एक साहसी और समय पर लिया गया कदम कॅरियर में बड़ा बदलाव ला सकता है। अपने व्याख्यान में उन्होंने ज्ञान चक्र की अवधारणा भी रखी। इसका आशय है, लगातार सीखते रहना, ज्ञान साझा करना और जानकारी को नए विचारों में बदलना। कहा कि, सच्चा लीडर वही है जिसमें उदारता, भावनात्मक समझदारी, ध्यान से सुनना और जरूरत पडऩे पर दूसरों की मदद स्वीकार करने की विनम्रता शामिल हो।

सहभागिता से व्यावहारिक कौशल
सत्र के दौरान स्टूडेंट्स को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि उन्हें समूह गतिविधियों, भूमिका-अभिनय और चिंतन अभ्यासों में भी शामिल किया गया। इससे छात्रों को कम्युनिकेशन, टाइम मैनेजमेंट और कॅरियर पाथ जैसी तुरंत सीखने और सुधारने वाली स्किल्स के बारे में भी जानने को मिला। इस विशेष आयोजन में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के डायरेक्टर डॉ. मनोज वर्गीस और एचओडी डॉ. सुशील पुनवतकर का अहम योगदान रहा।

एमबीए स्टूडेंट्स को सिखाएंगे प्रबंधन
आम तौर पर रघुरामन आईआईएम और मैनेजमेंट के टॉप कॉलेजों में जाकर विशेष सेशन लेते हैं, लेकिन रूंगटा यूनिवर्सिटी में वे बीबीए और एमबीए स्टूडेंट्स के साथ भी सीधे जुड़ गए हैं। रूंगटा यूनिवर्सिटी के विशेष कोर्स में शामिल बीबीए ग्लोबल और बीबीए बिजनेस एनालिटिक्स के स्टूडेंट्स को वे रियल वल्र्ड प्रॉब्लम और उसका सॉल्यूशन समझा रहे हैं। इसके अलावा बीकॉम के नए कोस्र बैंकिंग एंड इंश्योरेंस फाइनैंशियल मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स भी उनसे पढ़ रहे हैं। इस तरह से स्टूडेंट्स को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से भी प्रबंधन की गहरी समझ मिलेगी।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

कोंडागांव: नायब तहसीलदार निधि एस. नेताम का रायपुर में...

कोंडागांव। धनोरा तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार सुश्री निधि एस. नेताम का सोमवार देर रात रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान...

दुर्ग में यूसीसी (UCC) पर हाई-लेवल बैठक संपन्न: समान...

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) को व्यावहारिक, समावेशी और जनोपयोगी बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा गठित...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, केंद्र सरकार...

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जजों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम...

छत्तीसगढ़: स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल, दुर्ग सहित...

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं।...