रायपुर, 13 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ में लिंगानुपात (Sex Ratio) में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित ‘राज्य पर्यवेक्षक मंडल’ की बैठक में पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) और सरोगेसी एक्ट के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए।

निःसंतान दंपत्तियों के लिए बड़ी सौगात: रायपुर मेडिकल कॉलेज में खुलेगा IVF सेंटर
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (मेकाहारा), रायपुर में आईवीएफ (IVF) सुविधा शुरू करने को लेकर लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बहुत जल्द यहाँ आईवीएफ की सुविधा प्रारंभ होगी, जिससे प्रदेश के जरूरतमंद और गरीब दंपत्तियों को निःशुल्क इलाज मिल सकेगा।
सर्वाधिक और न्यूनतम लिंगानुपात वाले जिलों का होगा अध्ययन
प्रदेश में लिंगानुपात की असमानता को दूर करने के लिए मंत्री जायसवाल ने एक विशेष अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत:
- प्रदेश के सर्वाधिक सेक्स रेशियो वाले 3 जिलों और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले 3 जिलों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।
- अध्ययन के जरिए उन कारणों का पता लगाया जाएगा जिससे लिंगानुपात कम हो रहा है, ताकि सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

दूरस्थ क्षेत्रों में सोनोग्राफी सुविधा बढ़ाने की तैयारी
ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए 6 महीने के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में तेजी लाने को कहा है। अधिक डॉक्टरों को प्रशिक्षित कर दूरदराज के क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अवैध गतिविधियों पर कड़ा पहरा
मंत्री ने स्पष्ट किया कि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 का कड़ाई से पालन हो। साथ ही, प्रदेश के निजी आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में विधायक लता उसेंडी (कोंडागांव), रायमुनी भगत, गोमती साय, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल और संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

