विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाया वन अधिकार पट्टे का मामला; मंत्री बोले— “लंबित प्रकरणों की होगी पुनः जांच”

रायपुर: पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वनांचल और बैगा आदिवासी समाज के हितों को प्रमुखता से उठाते हुए सदन का ध्यानाकर्षण किया। उन्होंने वन अधिकार पट्टा वितरण में हो रहे विलंब और इसके कारण किसानों को हो रही आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना का मुद्दा प्रखरता से रखा।

आदिवासियों के सम्मान का अधिकार है पट्टा: भावना बोहरा

सदन को संबोधित करते हुए भावना बोहरा ने कहा कि जो लोग पीढ़ियों से जंगलों की रक्षा कर रहे हैं, आज वे ही अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि “वन अधिकार पट्टा केवल जमीन का कागज नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और सुरक्षा का आधार है।” पट्टा न मिलने के कारण हजारों किसान शासन की योजनाओं, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने जैसी सुविधाओं से वंचित हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े और चुनौतियां

विधायक बोहरा ने सदन में तथ्य रखते हुए बताया कि:

  • छत्तीसगढ़ की देश के कुल आवंटित वन क्षेत्र में 43% हिस्सेदारी है।
  • प्रदेश में अब तक लगभग 5.05 लाख पट्टे वितरित किए गए हैं।
  • मई 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, करीब 4.62 लाख (52%) व्यक्तिगत दावों को निरस्त या अस्वीकृत कर दिया गया है।
  • दस्तावेजों की जटिलता: 13 सितंबर 2005 से पहले के 75 वर्षों के लिखित साक्ष्य न होने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त हो रहे हैं।
  • कबीरधाम का संदर्भ: जिले में लगभग 10,519 आवेदन साक्ष्यों के अभाव में निरस्त हुए, जबकि पंडरिया विधानसभा में 216 आवेदन तकनीकी कारणों से रुके हुए हैं।

किसानों को हो रहा दोहरा नुकसान

भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से बताया कि पट्टा न होने के कारण किसानों का नाम एग्री-स्टैक (Agri-Stack) और किसान डेटाबेस में दर्ज नहीं हो पा रहा है। इसके चलते वे न तो बैंकों से ऋण ले पा रहे हैं और न ही उन्हें इनपुट सब्सिडी मिल रही है। मजबूरन उन्हें अपनी उपज निजी व्यापारियों को कम दामों पर बेचनी पड़ रही है।

मंत्री का आश्वासन: विशेष अभियान चलाकर होगा समाधान

विधायक द्वारा उठाए गए सवालों और मांग पर उत्तर देते हुए आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि:

  1. प्रदेश में जितने भी लंबित और निरस्त प्रकरण हैं, उनकी पुनः जांच (Review) की जाएगी।
  2. त्रुटियों को दूर कर पात्र हितग्राहियों को समय सीमा के भीतर पट्टा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
  3. वनांचल क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विभाग तत्परता से कार्य करेगा।

भावना बोहरा के इस प्रयास की वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में सराहना हो रही है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर लाखों ग्रामीण परिवारों के भविष्य और उनके अधिकारों का जुड़ाव है।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

CG News : प्रेमी जोड़े ने लगाई फांसी, एक...

सरगुजा। जिले के उदयपुर थाना क्षेत्र के सरगवां गांव में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। गांव के एक प्रेमी जोड़े ने एक साथ...

फार्म हाउस में खूनी विवाद : पत्नी की पिटाई...

दुर्ग: पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के मोहन्दी गांव में पत्नी पर चरित्र शंका को लेकर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने...

घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा : अध्यक्ष...

राजनांदगांव। नगर पंचायत घुमका के अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए भाजपा प्रत्याशी किरण वर्मा को...

NEET पेपर लीक के विरोध में NSUI का प्रदर्शन,...

बिलासपुर। NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को एनएसयूआई (NSUI) ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव कर जोरदार...