रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ में सुस्त पड़े मानसून ने एक बार फिर रफ़्तार पकड़ ली है। गुरुवार शाम राजधानी रायपुर, दुर्ग और भिलाई समेत प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) बन रहा है, जिसके असर से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी।
आज (16 जुलाई) मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

रायपुर में छाए रहेंगे बादल, जानें कैसा रहेगा तापमान
राजधानी रायपुर में आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शहर में रुक-रुक कर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आज रायपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
इससे पहले, बुधवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 35.5°C और सबसे कम न्यूनतम तापमान बिलासपुर में 24.2°C रिकॉर्ड किया गया था।
मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना: अगले 48 घंटे अहम
पिछले कुछ दिनों से मानसून की बेरुखी के कारण प्रदेश में खरीफ फसलों पर संकट मंडराने लगा था। लेकिन अब बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम मानसून को नई ऊर्जा देने जा रहा है।
- शुरुआती असर: इसका सबसे पहला और मजबूत असर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में देखने को मिलेगा।
- 48 घंटे का पूर्वानुमान: यदि यह सिस्टम और मजबूत होता है, तो अगले दो दिनों में पूरे प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश होगी। इससे जलाशयों, बांधों और भूजल स्तर में सुधार होगा।
आधे छत्तीसगढ़ में सूखे की आहट: 32 में से 16 जिलों में कम बारिश
भले ही मानसून दोबारा एक्टिव हो गया है, लेकिन अब तक के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। 1 जून से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 29% कम बारिश दर्ज की गई है। स्थिति यह है कि प्रदेश के आधे जिले (32 में से 16 जिले) पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
जुलाई में सूखा पड़ना असामान्य:
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना होता है। ऐसे में मानसून का कमजोर पड़ना (ब्रेक मॉनसून) सामान्य स्थिति नहीं है। ट्रफ लाइन और लो प्रेशर सिस्टम के राज्य से दूर चले जाने के कारण यह नौबत आई है।
जानिए आपके जिले का क्या है हाल?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, केवल कुछ ही जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई है:
| श्रेणी | जिलों के नाम और स्थिति |
| रिकॉर्ड तोड़ बारिश (74% ज्यादा) | सारंगढ़-बिलाईगढ़: यहां 462.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य 265.7 मिमी होती है। |
| अधिक बारिश की श्रेणी | मुंगेली: सामान्य से 21% ज्यादा (331.8 मिमी) बारिश दर्ज। |
| सामान्य बारिश वाले जिले | बालोद (+4%), बलौदाबाजार (+9%), बलरामपुर (+6%), दंतेवाड़ा (+14%), जांजगीर-चांपा (+13%), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (+11%), महासमुंद (+8%), रायपुर (+8%), सक्ती (+11%)। |
| आंशिक कमी वाले जिले | दुर्ग (-4%), गरियाबंद (-4%), नारायणपुर (-10%), राजनांदगांव (-13%), कोरबा (-14%), बिलासपुर (-19%)। |
किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं अगले 2 दिन
जुलाई का यह पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई और रोपाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। जिन 16 जिलों में बारिश सामान्य से कम है, वहां किसानों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं क्योंकि फसलों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगर अगले 48 घंटों में अच्छी बारिश होती है, तो खेतों में पर्याप्त नमी लौटेगी और किसानों को बड़ी संजीवनी मिलेगी।