बंदी की मौत के 3 साल बाद हत्या का मामला दर्ज, आबकारी विभाग के कर्मचारियों पर पिटाई का आरोप

जांजगीर-चांपा। जिले में बंदी जगदीश गोंड की मौत के करीब तीन साल बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर नवागढ़ पुलिस ने आबकारी विभाग के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ धारा 302 और 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। जांच में सामने आया है कि जेल भेजने से पहले आबकारी विभाग की टीम ने मृतक के साथ मारपीट की थी। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की विवेचना में जुटी है।

शराब के मामले में पकड़ा गया था जगदीश

मामला 15 अप्रैल 2022 का है। जानकारी के अनुसार, आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने देवरी मोड़, केरा-बिर्रा मार्ग पर छापेमारी कर ग्राम कटौद निवासी 30 वर्षीय जगदीश गोंड और महादेव गोंड को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। इसके बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर में दाखिल कराया गया था।

जेल में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाते समय मौत

जेल में दाखिल होने के अगले ही दिन जगदीश गोंड की तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जांजगीर थाने में मर्ग क्रमांक 45/2022 के तहत धारा 174 सीआरपीसी में मामला दर्ज कर मौत के कारणों की जांच शुरू की गई थी।

जांच में मारपीट का खुलासा

मामले की जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में दर्ज चोटों के निशानों के आधार पर जेल में दाखिल करने से पहले आबकारी विभाग के कर्मचारियों द्वारा जगदीश के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई। जांच प्रतिवेदन में इस मारपीट को उसकी मौत का कारण बताया गया।

संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज

एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर नवागढ़ पुलिस ने आबकारी विभाग के संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या और साझा मंशा से जुड़े आरोपों में धारा 302, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया है। करीब तीन साल बाद हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है।

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