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महादेव बुक के दुबई पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे भिलाई सहित अलग-अलग शहरों से लोग… पुलिस के छापे के बाद गोवा और मुंबई में रुके… कैंसिल करा ली वापसी की टिकट

महादेव बुक के दुबई पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे भिलाई सहित अलग-अलग शहरों से लोग… पुलिस के छापे के बाद गोवा और मुंबई में रुके… कैंसिल करा ली वापसी की टिकट

रायपुर। ऑनलाइन महादेव सट्टा एप चलाने वाले दो युवकों को पुलिस ने कुछ दिन पहले ने गिरफ्तार किया गया था। आरोपियो के खिलाफ पुलिस ने जुर्म दर्ज किया था।

अब ऑनलाइन सट्टा रैकेट महादेव बुक की दुबई पार्टी में शामिल होने वाले पुलिस के छापे के बाद मुंबई और गोवा में ही ठहर गए हैं। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और राज्य के अलग-अलग शहरों से पार्टी में शामिल होने पहुंचे गिरोह के करीबियों को 20 सितंबर तक लौटना था। उनकी प्लेन की टिकटें बुक थीं। पुलिस के छापे के बाद सभी ने अपनी वापसी की टिकट कैंसिल करवा दी है।

पुलिस और साइबर सेल की टीम ने एयरपोर्ट से टिकट कैंसिलेशन का ब्योरा निकाल लिया है। एयरपोर्ट और निजी विमान कंपनियों से भी उन सभी लोगों का ब्योरा निकाल लिया गया है जिन्होंने अपनी टिकट कैंसिल करवायी है। पुलिस अफसरों के अनुसार पार्टी के वायरल वीडियो को देखने के बाद उन सभी लोगो की लिस्ट तैयार कर ली गई है जो रायपुर और राज्य के अलग-अलग शहरों से पार्टी में शामिल होने दुबई पहुंचे थे।

अब अचानक जिस तरह उन्होंने वापसी की टिकटें कैंसिल करवा दी है। इससे वे जांच के घेरे में आ गए है। छत्तीसगढ़ वापसी के बाद ऐसे सभी लोगो से महादेव बुक के सौरभ और रवि का ब्योरा लिया जाएगा। अफसरों के अनुसार जिन लोगों के फुटेज मिले हैं, उनका प्रोफाइल भी चेक करवाया जा रहा है। ये एंगल भी देखा जा रहा है कि दुबई जाने वालों को पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान आर्थिक स्थिति में कितना और क्या बदलाव आया है। सभी लोगों की महादेव बुक के चीफ के साथ रिश्तों की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस को किराये पर चलने वाले 35 खातों का पता चल गया है। इनमें से 6 खातों के बैंक डिटेल भी मिल गए है। अफसरों के अनुसार खाते ज्यादा पुराने नहीं है। एक-डेढ़ महीने पहले ही खाते खोले गए है। लेकिन इतनी कम अवधि में इन खातों में 15 से 20 लाख रुपयों का ट्रांसक्शन हुआ है। बैंक से खातों का ब्योरा मिलने के बाद पुलिस ने अब उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिनके खाते बैंक में हैं। अफसरों का कहना है की खाते जिनके नाम पर है उनसे पूछताछ में पता चलेगा कि खाते खुलवाने वाले कौन लोग है? खातों के उपयोग के बदले लोगों कको कितनी रकम दी जा रही है।


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