भिलाई। दुर्ग की पुलिस ने चोरी के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एक आरोपी मुंबई क्राइम ब्रांच की गाड़ी की सफाई करता था। वहां काम कर चुका है। अब भिलाई में चोरी के मामले में गिरफ्तार हो गया।

पुलिस ने आज इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि, रेकी कर सूने मकानों में चोरी करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 457, 380 के तहत कार्रवाई किया है। खुर्सीपार पुलिस ने बताया कि 16 मई जोन 2 खुर्सीपार निवासी बी अभिलाषा के मकान का ताला तोड़कर सोना, चांदी के जेवरात पार हो गया था।

शिकायत के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी रही। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे 25 सीसीटीवी कैमरा को खंगाला गया। जिसमें सिल्वर रंग की आर्टिका कार का फूटेज मिला। जिसका नंबर 4141 आरटीओ से पूरा डिटेल निकाला गया।

तब मुखबिर ने सूचना दिया कि केनाल रोड आईटीआई ग्राउंड के पास उक्त कार खडी है। मौके पर सिविल टीम व खुर्सीपार पुलिस टीम पहुंची। जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अशोक नगर जिला उत्तर 24 परगना पश्चिम बंगाल निवासी मनीरुल मंडल 32 वर्ष और गोमतीपुर जिला अहमदाबाद गुजरात नासीर अली 45 वर्ष बताया है।

दोनों आरोपी पांच दिन पूर्व मोबाइल फोन पर बात कर चोरी की योजना बनाना स्वीकार किया। आरोपियों के पास से पुलिस ने 1 जोड़ी चांदी का कंगन, कर्धन, पैरपट्टी, बिछिया समेत कार 9 लाख 25 सौ रुपए का सामान बरामद किया है। दोनों युवक संतोषी पारा कैम्प के किराए के मकान में रहकर दिन में मकानों का रेकी कर रात के अंधेरे में ताला तोड़ते थे।

इस कार्रवाई में साइबर क्राइम निरीक्षक संतोष मिश्रा, खुर्सीपार थाना प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सउनि समित मिश्रा और सिविल टीम में अरविंद मिश्रा, अनिल सिंह, रिंकू सोनी, एवन बंछोर, आरक्षक राकेश चौधरी समेत खुर्सीपार पुलिस का योगदान रहा है।

खबरों के मुताबिक इस चोरी का मास्टर माइंड मनीरुल है। चोरी के डर से पुलिस से लुकाछिपी खेल रहा था। अपने मोबाइल को किसी तरह पश्चिम बंगाल भेजवा दिया। इस दौरान पुलिस टीम मनी को कॉल करने पर उसका लोकेशन कलकत्ता बता रहा था। जबकि वह भिलाई में घूम-घूमकर रेकी कर रहा था।

जब भी मनी को कॉल करने पर उसका दोस्त फोन रिसीव कर कॉन्फ्रेंस से मनी से बात कराया जाता था। इससे पुलिस समझती थी मनी कलकत्ता फरार हो गया। लेकिन उसके साथी को पकड़ने के बाद उसे मैसेज किया गया कि चोरी का सामान बिक गया अपना हिस्सा लेने पहुंचने की बात कही गई। तब आरोपी मनी को तुरंत पुलिस ने पकड़ लिया। मनी मुंबई क्राइम ब्रांच में वाहनों की सफाई का भी काम कर चुका है।



