स्मार्ट मीटर और SIR के मुद्दे पर कांग्रेस का आंदोलन : सुखदेव भगत बोले- जनता की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरेंगे

प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने सरकार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि बैठक में जनसमस्याओं पर चर्चा हुई और स्मार्ट मीटर सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है।

स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी
सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर के नाम पर लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी और जनता से जुड़े सवालों को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी। स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस के विरोध के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सितंबर में कहा था कि मीटर लगाने की प्रक्रिया केंद्र के निर्देशों के तहत की जा रही है और उपभोक्ताओं से आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी लेने की अपील की थी।

SIR और ‘वोट चोरी’ को लेकर भी रणनीति
कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि बैठक में SIR और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी पार्टी का आरोप दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी। इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने 28 सितंबर को रायपुर में प्रदर्शन का कार्यक्रम भी रखा था, जिसमें सुखदेव भगत के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।

एकजुटता पर जोर, अनुशासन को लेकर सख्त संदेश
संगठन में एकजुटता के सवाल पर सुखदेव भगत ने कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने की बात कही। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में अनुशासन का पालन जरूरी है। अनुशासनहीनता की स्थिति में संबंधित लोगों के खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

कनेक्ट सेंटर की रिपोर्ट पर भी नजर
कांग्रेस के कनेक्ट सेंटर को लेकर पूछे गए सवाल पर भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह उनका पहला दौरा है और उन्हें संगठन की स्थिति की प्रारंभिक रिपोर्ट मिली है। उन्होंने कहा कि अभी वे संगठन की गतिविधियों को समझ रहे हैं और कामकाज की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी ठीक तरीके से नहीं निभा रहे हैं, उनके स्थान पर दूसरे लोगों को जिम्मेदारी देने पर भी विचार किया जा सकता है।

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